करनाल में टैक्सी चालकों का रोजगार ठप्प, प्राइवेट चालकों के खिलाफ जोरदार विरोध
करनाल में टैक्सी चालकों ने प्राइवेट गाड़ियों के कारण रोजगार प्रभावित होने पर सड़क पर उतरकर विरोध किया। RTO से मिलने और समस्या न सुलझने पर धरने की चेतावनी दी गई।
➤ करनाल में टैक्सी चालक सड़कों पर उतरे, प्राइवेट गाड़ियों के कारण रोजगार प्रभावित
➤ RTO से मिलने और समस्या न सुलझने पर धरने की चेतावनी दी
➤ टैक्सी चालकों ने कानून के भीतर रहते हुए काम करने और अन्य मुद्दों पर न्याय की मांग की
करनाल में टैक्सी चालकों ने सड़क पर उतरकर अपनी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि प्राइवेट गाड़ियां सवारियां ले जा रही हैं, जिससे टैक्सी चालकों को काम नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि सभी कमर्शियल वाहनों का रोजगार प्रभावित हो गया है और किश्त समय पर देने में भी परेशानी आ रही है।
टैक्सी चालकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और न्याय नहीं मिला, तो वे धरने और संघर्ष करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी गैरकानूनी कार्य में हिस्सा नहीं लेंगे और केवल कानून के दायरे में रहते हुए अपनी मांगों को पूरा करवाएंगे।
चालकों का आरोप है कि पूरे करनाल में परिवर्तित गाड़ियों ने ऑफिस बना रखे हैं, टूर एंड ट्रैवल्स के नाम पर काम कर रहे हैं और कमिशन बेस पर सवारियां उठा रहे हैं। वहीं, प्राइवेट गाड़ी चालकों को यह अधिकार नहीं है कि वे सवारियां ले सकें। इस कारण टैक्सी चालकों के लिए काम का साधन सीमित हो गया है।
टैक्सी चालकों ने यह भी कहा कि 90-90 हजार रुपए टैक्स भरने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिल रहा, जबकि प्राइवेट गाड़ी वाले बिना टैक्स दिए 15-20 सवारियां ले जाते हैं। यह उनका पहला दिन है, लेकिन उनकी मांगें पूरी न होने पर वे धरना देने और संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।