करनाल में हुड्डा छोड़ सैलजा गुट में मिले नेता, कांग्रेस में एकजुटता का दावा
हरियाणा के करनाल जिले में कांग्रेस नेताओं ने भूपेंद्र हुड्डा गुट छोड़ कुमारी सैलजा के नेतृत्व को समर्थन दिया। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस एकजुट है, बस नेतृत्व बदल गया।
➤ करनाल में कांग्रेस नेताओं ने हुड्डा गुट छोड़ सैलजा गुट को समर्थन दिया
➤ नेता साफ करते हैं कांग्रेस एक है, बस नेतृत्व बदल गया; पार्टी में नई ऊर्जा की संभावना
➤ सैलजा के स्वागत में कई पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता शामिल, राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ी
हरियाणा के करनाल जिले में कांग्रेस के भीतर राजनीतिक गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। करनाल को हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने संगठन में बदलाव का संकेत दिया है। पहले भूपेंद्र हुड्डा गुट से जुड़े नेता अब अचानक कुमारी सैलजा के नेतृत्व में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं का कहना है कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं और आगे भी रहेंगे, फर्क केवल यह है कि अब उनकी आस्था और राजनीतिक काम सैलजा के नेतृत्व में होगी।
7 सितंबर को करनाल में आयोजित कार्यक्रम में कई ऐसे नेता शामिल हुए, जो हमेशा हुड्डा गुट में नजर आते थे। इसमें रघबीर संधू, जयपाल मान, पूर्व विधायक सुमिता सिंह, राकेश कंबोज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, सुरेश लहरी और यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष सोमिल संधू शामिल रहे। इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि राजनीति में समय-समय पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है।
रघबीर संधू ने कहा कि अब समय परिवर्तन का है और जीटी रोड बेल्ट पर कुमारी सैलजा मजबूत नेतृत्व दे सकती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के पक्के सिपाही हैं, लेकिन अब सैलजा के नेतृत्व में काम करेंगे। जयपाल मान ने दावा किया कि प्रदेश की अगली सीएम कुमारी सैलजा होंगी।
पूर्व विधायिका सुमिता सिंह ने संतुलित बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस एक परिवार की तरह है और सभी नेताओं का स्वागत किया जाएगा। शमशेर गोगी ने वक्त किसी के लिए स्थायी नहीं होने का उदाहरण देते हुए बदलाव को कूटनीतिक ढंग से बताया।
कुमारी सैलजा ने सभी नेताओं के सहयोग और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि पार्टी से जुड़ी बड़ी बातें हाईकमान के हाथों में होती हैं। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी के संदेश को जनता तक पहुंचाना है।
राजनीतिक गलियारों में नेताओं के गुट बदलने की यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। करनाल जैसे जिले में कांग्रेस हमेशा मजबूत रही है, लेकिन इस बदलाव से संगठनात्मक ढांचे और आने वाले चुनावों में इसके असर की संभावना बनी हुई है। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस में वे सब एकजुट हैं, फर्क केवल यह है कि पहले हुड्डा के साथ काम कर रहे थे और अब सैलजा के साथ खड़े हैं।