मोबाइल पर बजा तेज सायरन, घबराए लोग: सरकार का इमरजेंसी अलर्ट टेस्ट निकला
देशभर में मोबाइल पर अचानक आए इमरजेंसी अलर्ट से लोग घबरा गए, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि यह केवल टेस्ट था और आपदा प्रबंधन के लिए नई तकनीक का हिस्सा है।
➤ देशभर में मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट का परीक्षण
➤ लाखों लोगों के फोन पर पहुंचा ‘गंभीर चेतावनी’ संदेश
➤ सरकार बोली- घबराएं नहीं, यह सिर्फ टेस्ट था
देशभर में शनिवार को अचानक मोबाइल फोन पर तेज सायरन और चेतावनी संदेश आने से लोगों में हड़कंप मच गया। कई यूजर्स यह समझ नहीं पाए कि यह आपातकालीन स्थिति है या कोई तकनीकी गड़बड़ी। खासकर शिमला समेत कई शहरों में लोग इस अलर्ट से चौंक गए और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई।
दरअसल, यह भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का परीक्षण था। इस टेस्ट के तहत Cell Broadcast तकनीक के जरिए एक साथ लाखों मोबाइल यूजर्स को ‘अत्यंत गंभीर चेतावनी’ का संदेश भेजा गया। इस संदेश के साथ तेज सायरन भी बजा, जिससे लोग घबरा गए।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह एक टेस्ट मैसेज था और इसे प्राप्त करने के बाद किसी भी तरह की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। इस पहल का उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपदा या आपात स्थिति के दौरान लोगों तक समय रहते सही जानकारी पहुंचाना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तकनीक बिना इंटरनेट के भी काम करती है और किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ संदेश भेज सकती है। ऐसे में भूकंप, बाढ़, तूफान या अन्य संकट के समय यह सिस्टम बेहद कारगर साबित हो सकता है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) इस पूरे सिस्टम को विकसित कर रहा है, ताकि पूरे देश में एक मजबूत और तेज़ डिजास्टर अलर्ट नेटवर्क तैयार किया जा सके। यह कदम नागरिकों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
Akhil Mahajan