भीषण गर्मी से बढ़ा किडनी बीमारियों का खतरा, डॉक्टरों का अलर्ट

भीषण गर्मी और लू के बीच डॉक्टरों ने किडनी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी। डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सावधानी जरूरी।

भीषण गर्मी से बढ़ा किडनी बीमारियों का खतरा, डॉक्टरों का अलर्ट

भीषण गर्मी से किडनी पर बढ़ा खतरा
डॉक्टरों ने डिहाइड्रेशन को बताया बड़ा कारण
बाहर काम करने वालों को सबसे ज्यादा जोखिम

उत्तर भारत में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

डॉक्टरों का कहना है कि यह गर्मी केवल लू या थकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। खासकर लगातार धूप और गर्मी के संपर्क में रहने वालों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है।

राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लू और बढ़ते तापमान की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को दिन के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान बहुत अधिक होता है तो शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जो किडनी के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।

वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट के मुताबिक, निर्माण मजदूर, डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, किसान और सफाई कर्मचारी जैसे लोग जो लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, उनमें लू और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।

गर्मी के कारण शरीर से पसीने के जरिए तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बाहर निकलते हैं। अगर इस कमी को समय पर पूरा नहीं किया जाए तो डिहाइड्रेशन की स्थिति बन जाती है। इससे किडनी तक रक्त प्रवाह कम हो सकता है, जो नुकसानदायक साबित हो सकता है।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण किडनी स्टोन और यूरिन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों में किडनी से जुड़ी समस्याओं का जोखिम और अधिक होता है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गर्मी में खुद को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी पीते रहें।

इसके अलावा, काम के दौरान छायादार जगह पर आराम, हल्के और सूती कपड़े पहनना और धूप से बचाव के लिए टोपी, छाता और सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए। इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।