हरियाणा में बारिश का अलर्ट,9 जिलों में चेतावनी, झज्जर में गिरे ओले
हरियाणा के 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी हुआ। झज्जर में ओले गिरे, किसानों की चिंता बढ़ी और पंचकूला 13.7 डिग्री तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा।
➤ झज्जर के चार गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे, फसलों को नुकसान की आशंका
➤ हरियाणा के 9 जिलों में यलो अलर्ट, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
➤ पंचकूला 13.7°C के साथ सबसे ठंडा, महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 33.5°C दर्ज
हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शनिवार सुबह झज्जर जिले के कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। बिरोहड़, मालियावास, कालियावास और आसपास के गांवों में गिरे ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बारिश की संभावना जताई है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पंचकूला 13.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जबकि महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
झज्जर में सुबह बारिश के साथ गिरे ओले, किसानों को नुकसान की चिंता
शनिवार सुबह झज्जर जिले के बिरोहड़, मालियावास, कालियावास और आसपास के गांवों में मौसम अचानक बदल गया। इन इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। हालांकि बारिश कुछ देर ही हुई, लेकिन ओलावृष्टि अपेक्षाकृत अधिक रही। इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को ठंड महसूस हुई।
ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बारिश कम समय के लिए हुई, जबकि ओले ज्यादा गिरे। सूखे ओले गिरने से फसलों को थोड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि, नुकसान कितना हुआ है, इसकी वास्तविक स्थिति खेतों का निरीक्षण करने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
9 जिलों में यलो अलर्ट, 40 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग, चंडीगढ़ ने शनिवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत और सोनीपत के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बौछारें पड़ने के आसार हैं।
मौसम के इस बदलाव को देखते हुए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
शुक्रवार को भी चरखी दादरी और रेवाड़ी में गिरे थे ओले
हरियाणा में मौसम का असर शुक्रवार को भी दिखाई दिया था। चरखी दादरी और रेवाड़ी में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। वहीं, पलवल में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। शनिवार सुबह झज्जर के कई इलाकों में ओले गिरने के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
लगातार बदल रहे मौसम के बीच किसानों की नजर अब फसलों पर होने वाले असर पर है। झज्जर में ओलावृष्टि से कुछ नुकसान होने की बात सामने आई है, लेकिन वास्तविक नुकसान का आकलन खेतों का निरीक्षण करने के बाद ही किया जा सकेगा।
हरियाणा में तापमान का हाल: पंचकूला सबसे ठंडा, महेंद्रगढ़ सबसे गर्म
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस गिरा है। पंचकूला में न्यूनतम तापमान 13.7°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
इसके अलावा महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान 15.3°C, गुरुग्राम में 15.4°C और यमुनानगर में 15.8°C दर्ज किया गया। दूसरी ओर, चरखी दादरी में न्यूनतम तापमान 20.6°C और नूंह में 20.1°C रहा, जो प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान वाले आंकड़े हैं।
दिन के तापमान में भी 0.1°C की मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। महेंद्रगढ़ 33.5°C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। हिसार में अधिकतम तापमान 33.4°C, चरखी दादरी में 33.2°C और पलवल में 32.6°C दर्ज किया गया।
वहीं, पंचकूला में अधिकतम तापमान 28.9°C रहा। रोहतक और यमुनानगर में अधिकतम तापमान 29.6°C दर्ज किया गया। इन तीनों जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
अगले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से अहम
प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण अगले 24 से 48 घंटों तक अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने और मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है।
झज्जर में ओलावृष्टि के बाद किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता है, जबकि मौसम विभाग के अलर्ट वाले जिलों में लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति खेतों में निरीक्षण के बाद ही सामने आएगी।
Akhil Mahajan