हरियाणा में बिजली हड़ताल खत्म होते ही XEN सस्पेंड, महम में सप्लाई बहाल न कराने पर कार्रवाई
हरियाणा में 45 घंटे की बिजली हड़ताल खत्म होने के बाद महम XEN संजीत कुमार सस्पेंड हुए। बिजली बहाली के निर्देशों के बीच उनसे संपर्क नहीं हो पाया था।
➤ हड़ताल खत्म होने के बाद बिजली बहाली के निर्देश, XEN संजीत कुमार पर कार्रवाई
➤ महम में तैनात XEN पर फोन नहीं उठाने और संपर्क नहीं होने का आरोप
➤ कुछ दिन पहले SDO से प्रमोट होकर बने थे एक्सईएन, पंचकूला रहेगा सस्पेंशन मुख्यालय
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की करीब 45 घंटे चली हड़ताल खत्म होने के अगले ही दिन रोहतक के महम में तैनात एक्सईएन संजीत कुमार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने शनिवार को उन्हें सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। आरोप है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद सरकार की ओर से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन महम क्षेत्र में तैनात XEN संजीत कुमार से संपर्क नहीं हो पाया। बताया गया कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों के फोन भी रिसीव नहीं किए। कार्रवाई के बाद सस्पेंशन अवधि में उनका मुख्यालय पंचकूला स्थित कार्यालय तय किया गया है और वह बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
संजीत कुमार कुछ दिन पहले ही SDO से प्रमोट होकर XEN बने थे। बिजली हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य कराने को लेकर सरकार ने अधिकारियों को तत्काल काम पर लौटने और बाधित सप्लाई बहाल करने के निर्देश दिए थे। इसी दौरान महम में बिजली व्यवस्था को लेकर संजीत कुमार की मौजूदगी और उनसे संपर्क को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई।
बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) विजेंद्र नरवाल के अनुसार, सरकार की ओर से बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने के आदेश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि XEN संजीत कुमार ने फोन नहीं उठाया और उनसे संपर्क भी नहीं हो पाया। उनके बारे में जानकारी नहीं मिल रही थी। इसके बाद सरकार ने अधिकारियों की सूची मांगी, जिसमें यह जानकारी देनी थी कि कौन अधिकारी मौके पर मौजूद है और कौन नहीं। संजीत कुमार से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
हड़ताल खत्म होते ही बिजली बहाली के निर्देश
बिजली कर्मचारी 22 अक्टूबर की रात 10 बजे से 23 अक्टूबर की शाम तक करीब 45 घंटे हड़ताल पर रहे। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के फैसले का विरोध कर रहे थे।
हड़ताल के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के बाद शुक्रवार शाम को पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बिजली मंत्री अनिल विज और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में सरकार की ओर से बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत आयोग को निर्देश देकर फैसले की समीक्षा कराने और समानांतर लाइसेंस पर रोक लगाने का आश्वासन दिया गया।
सरकार के आश्वासन के बाद कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। साथ ही कर्मचारियों ने तुरंत काम पर लौटकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की बात कही। इसके बाद सरकार ने प्रदेश के उन क्षेत्रों में बिजली सप्लाई जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए, जहां हड़ताल के दौरान आपूर्ति बाधित हुई थी।
CM ने मांगी थी हर जिले से बिजली बहाली की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार रात 23 अक्टूबर को हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेशभर में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए थे। जिन जिलों में बिजली सप्लाई बाधित थी, वहां जल्द से जल्द आपूर्ति शुरू करने के साथ-साथ तकनीकी फॉल्ट को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने को कहा गया था।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से रात 12 बजे तक बिजली आपूर्ति की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी थी। इसके अलावा लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम चालू रखने के निर्देश दिए गए थे, ताकि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके।
इसी बीच महम में तैनात XEN संजीत कुमार से संपर्क नहीं हो पाने का मामला सामने आया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, सरकार को यह जानकारी देनी थी कि संबंधित अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद हैं या नहीं। संजीत कुमार से संपर्क नहीं होने के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
सस्पेंशन के दौरान पंचकूला रहेगा मुख्यालय
UHBVN की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सस्पेंशन पीरियड के दौरान संजीत कुमार पंचकूला स्थित कार्यालय में रहेंगे। वह बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़ताल समाप्त होने के तुरंत बाद हुई यह कार्रवाई चर्चा में है।
मामले में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई का मुख्य आधार हड़ताल समाप्त होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कराने के सरकारी निर्देशों के बीच XEN से संपर्क नहीं हो पाना और उनकी मौजूदगी की जानकारी उपलब्ध न होना बताया गया है। संजीत कुमार कुछ दिन पहले ही SDO पद से प्रमोशन पाकर XEN बने थे।
Akhil Mahajan