कनाडा भेजने के नाम पर 63.60 लाख की ठगी, मोहाली का आरोपी गिरफ्तार
कैथल में परिवार सहित कनाडा भेजने और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर 63.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पुलिस ने मोहाली निवासी ऋषभ को गिरफ्तार किया।
कैथल में परिवार को कनाडा भेजने के नाम पर 63.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
➤ मोहाली निवासी ऋषभ गिरफ्तार, वर्क परमिट और वीजा दिलाने का दिया था भरोसा
➤ अदालत से आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड मिला, एंटी इमिग्रेशन सेल कर रही जांच
कैथल, 24 अक्टूबर। हरियाणा के कैथल में परिवार सहित कनाडा भेजने और वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर करीब 63 लाख 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पंजाब के मोहाली निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक और उसके परिवार को कनाडा भेजने का भरोसा देकर उससे अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों, ऑनलाइन माध्यमों और नकद के जरिए रकम ली गई। इसके बावजूद न तो उन्हें कनाडा का वीजा मिला और न ही वर्क परमिट।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोतिया हरमोनी सिटी, मोहाली निवासी ऋषभ के रूप में हुई है। पुलिस ने व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन सेल की टीम कर रही है।
कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के पद पर कनाडा जाना चाहता था युवक
गांव हाबड़ी निवासी सिमरनजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। वह करीब सात वर्ष तक कनाडा में पढ़ाई करने के बाद मार्च 2025 में भारत लौटा था। इसके बाद वह अपने परिवार सहित दोबारा कनाडा जाना चाहता था। उसकी इच्छा कनाडा में कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के पद पर वर्क परमिट हासिल करने की थी।
इसी दौरान उसने फेसबुक पर चंडीगढ़ स्थित ग्रे इमिग्रेशन लॉ फर्म का विज्ञापन देखा। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने पर कुछ लोगों ने खुद को इमिग्रेशन विशेषज्ञ बताया। उन्होंने सिमरनजीत सिंह को परिवार सहित कनाडा भेजने और वर्क परमिट दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद उसकी बातचीत प्रदीप कुमार, गुरदीप सिंह, रेशब और रमित कुमार सहित अन्य व्यक्तियों से होने लगी। शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2025 में प्रदीप कुमार और गुरदीप सिंह ने उसे कैथल बाइपास पर पूंडरी-कैथल रोड पर बुलाया।
प्रति व्यक्ति करीब 30 लाख रुपये मांगे
शिकायतकर्ता के अनुसार, कनाडा भेजने के नाम पर प्रति व्यक्ति करीब 30 लाख रुपये की मांग की गई। उसने आरोप लगाया कि उसने नकदी के साथ अपने पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज भी आरोपियों को सौंप दिए।
इसके बाद वीजा फीस, एंबेसी फीस, वर्क परमिट से जुड़े खर्च और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग तारीखों में उससे रकम ली गई। भुगतान बैंक खातों, ऑनलाइन माध्यमों और नकद के जरिए किया गया।
आरोपियों ने बाद में शिकायतकर्ता के भाई बेअंत सिंह और गांव के अन्य व्यक्तियों गुरशरण सिंह तथा निहाल सिंह के परिवारों को भी कनाडा भेजने का भरोसा दिया। इस तरह विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग मदों में रकम जमा करवाई जाती रही।
अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक जमा करवाई रकम
शिकायत के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान आरोपियों के कहने पर विभिन्न बैंक खातों में कई बार रकम जमा करवाई गई। इसमें वीजा और एंबेसी फीस, फाइल चार्ज, कथित अतिरिक्त प्रक्रिया शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर किए गए भुगतान शामिल थे।
फरवरी 2026 के अंतिम दिनों में सिमरनजीत सिंह अपने भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ चंडीगढ़ स्थित प्राइम इमिग्रेशन सर्विस के कार्यालय पहुंचा। यहां आरोपियों को अंतिम भुगतान के तौर पर 10 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बावजूद उन्हें कनाडा का वीजा और वर्क परमिट नहीं मिला।
पैसे, पासपोर्ट और दस्तावेज मांगने पर टालमटोल का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वीजा और वर्क परमिट नहीं मिलने के बाद जब उसने अपनी रकम, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज वापस मांगे तो उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा। आरोपियों ने रकम की गारंटी के तौर पर अलग-अलग बैंक खातों के चार चेक भी दिए थे।
शिकायत के अनुसार, जब उसने निर्धारित समय पर चेक बैंक में लगाए तो उनका भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद उसने मामले में धोखाधड़ी की शिकायत दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उससे कुल करीब 63.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
एंटी इमिग्रेशन सेल कर रही मामले की जांच
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन सेल प्रभारी पीएसआई अमन की अगुवाई में एएसआई जसबीर सिंह कर रहे हैं। जांच के दौरान मोहाली के मोतिया हरमोनी सिटी निवासी ऋषभ को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी के अनुसार, मामले में व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का अदालत से एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों और लेनदेन की जांच कर रही है।
Akhil Mahajan