हरियाणा राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस-भाजपा ने एक-एक सीट जीती
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत हासिल की है। कांग्रेस के 5 विधायकों की क्रॉस वोटिंग और 4 वोट रद्द होने के बावजूद कर्मवीर बौद्ध महज 0.66 वोट वैल्यू के अंतर से सतीश नांदल को हराने में कामयाब रहे।
■ हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध विजयी
■ 0.66 वोट वैल्यू के मामूली अंतर से हारे भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल
■ कांग्रेस के 5 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग और 4 वोट रद्द होने से मचा हड़कंप
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुआ घमासान आधी रात को बेहद नाटकीय मोड़ पर खत्म हुआ। चुनाव के जो परिणाम सामने आए हैं, उनमें भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की है। आंकड़ों के लिहाज से यह चुनाव किसी 'सस्पेंस थ्रिलर' से कम नहीं रहा, जहाँ भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल महज 0.66 वोट वैल्यू के अंतर से हार गए। यदि अंकों के गणित को समझें तो नांदल को 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के बौद्ध 28 वोट लेकर राज्यसभा पहुँचने में सफल रहे। यह जीत कांग्रेस के लिए जितनी बड़ी राहत लेकर आई है, उतनी ही बड़ी चुनौती भी खड़ी कर दी है, क्योंकि जीत के बावजूद पार्टी को अपने ही कुनबे में बड़ी सेंधमारी का सामना करना पड़ा है।
विस्तृत खबर के मुताबिक, कुल 90 विधायकों में से इनेलो के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला और 5 वोट रद्द होने के बाद 83 वोट वैध माने गए। भाजपा के पास 48 विधायक थे, जिनमें से 1 का वोट रद्द हुआ। पहली प्राथमिकता के आधार पर संजय भाटिया को 39 वोट मिले, जिनमें से कोटे के बाद बचे 11.34 वोट सतीश नांदल को शिफ्ट हुए। दूसरी ओर, कांग्रेस के 37 विधायकों में से खेल पूरी तरह बिगड़ गया। यहाँ 4 वोट रद्द हुए और 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी, जिससे पार्टी के पास केवल 28 वोट बचे। इन्हीं 28 वोटों के दम पर कर्मवीर बौद्ध जीत की दहलीज पार कर पाए। यदि भाजपा का एक वोट रद्द न होता, तो नांदल के पास कांग्रेस से अधिक वोट होते और नतीजा पलट जाता। जीत के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे अग्निपरीक्षा बताया, लेकिन 5 विधायकों की बगावत ने हाईकमान के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के 25 प्रतिशत विधायक 'ट्रांसफर' हो गए हैं, जो आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है।
➤ भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध राज्यसभा पहुंचे
➤ काउंटिंग से पहले सीक्रेसी विवाद में कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द
➤ नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा बोले- 2 क्रॉस वोटिंग हुई, जनता इसका जवाब देगी
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का परिणाम सामने आ गया है। देर रात चली मतगणना के बाद कांग्रेस और भाजपा ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किए गए।
इस चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल भी मैदान में थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
परिणाम घोषित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन पार्टी ने मजबूती से मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान दो क्रॉस वोटिंग हुई हैं और इसका जवाब जनता भविष्य में देगी। हुड्डा ने इसे कांग्रेस के लिए अग्नि परीक्षा बताते हुए कहा कि पार्टी इस परीक्षा में सफल रही है।
वोट रद्द होने से बढ़ा था सस्पेंस
राज्यसभा चुनाव के दौरान काउंटिंग शुरू होने से पहले ही सीक्रेसी लीक के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। जांच के बाद चुनाव अधिकारियों ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया था।
वहीं कांग्रेस की ओर से हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत की गई थी। भाजपा ने ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि जांच के बाद अनिल विज और भरत सिंह बेनीवाल के वोट को वैध माना गया।
88 विधायकों ने किया मतदान
हरियाणा विधानसभा की कुल 90 सीटों में से 88 विधायकों ने मतदान किया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे।
काउंटिंग में देरी और वोटों को लेकर उठे विवाद के कारण पूरे चुनाव में सस्पेंस बना रहा। देर रात मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए।
वोटिंग से रिजल्ट तक 16 घंटे में क्या-क्या हुआ
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सुबह 9 बजे: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पहला वोट डाला और मतदान शुरू हुआ।
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दोपहर 3 बजे: इनेलो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उनके दोनों विधायक वोट नहीं डालेंगे।
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दोपहर 3:30 बजे: विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने आखिरी 88वां वोट डाला।
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शाम 4 बजे: मतदान समाप्त हुआ, 90 में से 88 वोट पड़े।
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शाम 4:30 बजे: कांग्रेस ने अनिल विज और भाजपा ने परमवीर सिंह व भरत बेनीवाल के वोट पर शिकायत दर्ज कराई।
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शाम 5 बजे: आपत्तियों के कारण काउंटिंग शुरू नहीं हो सकी।
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रात 10:25 बजे: चुनाव आयोग के निर्देश के बाद वोटों की स्क्रीनिंग शुरू हुई।
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रात 1:10 बजे: भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध की जीत घोषित हुई
■ वोटिंग पूरी होने के घंटों बाद भी काउंटिंग शुरू नहीं, बढ़ा सियासी सस्पेंस
■ तीन वोटों की सीक्रेसी को लेकर विवाद के बाद मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा
■ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चंडीगढ़ स्थित विधानसभा के कमेटी रूम में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन देर रात तक भी मतगणना शुरू नहीं हो सकी। वोटिंग के बाद काउंटिंग में हुई असामान्य देरी ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और पूरे चुनाव पर सस्पेंस गहरा गया है।
दरअसल, तीन विधायकों के वोट की सीक्रेसी को लेकर विवाद सामने आने के बाद काउंटिंग रोक दी गई थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कुछ विधायकों के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को चुनाव आयोग के पास भेज दिया, जिसके कारण मतगणना प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्यसभा चुनाव की मतगणना में हो रही देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है, इसलिए चुनाव आयोग को तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि भाजपा ने ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल और टोहाना विधायक परमवीर सिंह के वोट की सीक्रेसी लीक होने की शिकायत की है। वहीं कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट की गोपनीयता भंग होने का आरोप लगाया है। नियमों के अनुसार कोई भी विधायक अपने बैलेट पेपर को केवल अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को ही दिखा सकता है। यदि वह दूसरी पार्टी के एजेंट को वोट दिखाता है तो इसे सीक्रेसी का उल्लंघन माना जाता है और वोट को लेकर आपत्ति दर्ज की जा सकती है।
इससे पहले कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा था कि चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को चुनाव आयोग को भेज दिया है और आयोग के फैसले के बाद ही मतगणना शुरू होगी। वहीं कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी बयान दिया था कि जो क्रॉस वोट हुए हैं, उनकी जानकारी नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को है।
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं, जिनमें से 88 विधायकों ने मतदान किया है। इंडियन नेशनल लोकदल के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे। 88 वोट पड़ने के बाद जीत के लिए कोटा 30 वोट तय किया गया है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध और भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन यदि किसी का वोट रद्द होता है या क्रॉस वोटिंग सामने आती है तो परिणाम में उलटफेर भी संभव है।
राज्यसभा चुनाव की काउंटिंग में हो रही देरी के कारण पूरे प्रदेश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर अब चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हुई है।
Akhil Mahajan