हरियाणा में आज भी बारिश के आसार,7 जिलों में यलो अलर्ट, सोनीपत में जलभराव
हरियाणा में आज भी बारिश के आसार हैं। 7 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। सोनीपत में जलभराव, यमुनानगर में तटबंध टूटने और हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क है।
आज पूरे हरियाणा में बारिश के आसार, 7 जिलों में यलो अलर्ट
सोनीपत में तेज बारिश से जलभराव, गुरुग्राम में भी बदला मौसम
यमुनानगर में पथराला नदी का तटबंध टूटा, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। बुधवार को भी पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है। सुबह सोनीपत में तेज बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं गुरुग्राम में सुबह से बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार यहां भी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से प्रदेशभर में लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। पिछले 24 घंटे में हरियाणा में औसतन 9.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 94.6 मिमी बारिश अंबाला में रिकॉर्ड की गई। हालांकि, मानसून सीजन में अब भी प्रदेश सामान्य से पीछे चल रहा है।
1 जून से 4 अगस्त तक हरियाणा में सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में प्रदेश में औसतन 227.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 158.9 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। इससे कई जिलों में खेती पर असर पड़ने की चिंता बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और पानीपत में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है।
इस बीच यमुनानगर के रायपुर गांव के पास पथराला नदी का तटबंध टूटने से नदी का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया। तरुवाला, रायपुर, बलौली, याकूबपुर और ऊर्जनी सहित कई गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। किसानों को फसलों में भारी नुकसान की आशंका है।
जानकारी के अनुसार पथराला नदी में 5 हजार क्यूसेक जलप्रवाह होने पर बाढ़ जैसी स्थिति मानी जाती है, जबकि फिलहाल नदी में करीब 5,700 क्यूसेक पानी बह रहा है। तटबंध टूटने के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट एरिया में हुई भारी बारिश का असर यमुना नदी पर भी दिखाई दे रहा है। यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मंगलवार को यहां 79,620 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। इसके बाद बैराज के 18 में से 15 गेट खोलकर 63,110 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर छोड़ा गया, जो अगले 48 घंटे में राजधानी पहुंच सकता है।
लगातार बारिश और घने बादलों के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जबकि एक दिन में 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। सिरसा में सबसे अधिक 35.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा फरीदाबाद में 33.8 डिग्री, रोहतक में 31.6 डिग्री, हिसार में 30.5 डिग्री और अंबाला में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज हुई है। नारनौल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबाला में 24.4 डिग्री, भिवानी में 25.0 डिग्री, गुरुग्राम में 26.8 डिग्री, हिसार में 26.9 डिग्री और करनाल में 27.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ठंडी मानसूनी हवाओं के कारण रात के समय मौसम सुहावना बना हुआ है।
pooja