हरियाणा में तालाबों की जमीन पर बने मकानों को मिल सकता है मालिकाना हक, मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दिया बड़ा संकेत
हरियाणा के पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने तालाबों की जमीन पर बने मकानों के समाधान के लिए नई नीति और मालिकाना हक देने का प्रस्ताव सुझाया है।
➤ तालाबों पर बने मकानों के समाधान के लिए कैबिनेट प्रस्ताव की तैयारी
➤ गांव के बाहर बराबर जमीन पर नए तालाब बनाने का सुझाव
➤ ग्राम पंचायत, पशुधन और ग्रामीणों के हितों को साथ लेकर समाधान की बात
हरियाणा के पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने तालाबों की जमीन पर बने मकानों को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई ग्रामीण ऐसे हैं जो तालाबों की जमीन से जुड़े मामलों में कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष कैबिनेट में प्रस्ताव लाने का सुझाव दिया है।
मंत्री ने कहा कि पहले के समय में गांवों के तालाब आबादी के बीच हुआ करते थे। समय के साथ कई स्थानों पर लोगों ने तालाबों की जमीन पर मकान बना लिए। इसके चलते अब बड़ी संख्या में ग्रामीण न्यायालयों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लंबे समय से चली आ रही है और इसका व्यावहारिक समाधान निकालना आवश्यक है।
कृष्ण लाल पंवार ने सुझाव दिया कि गांव के बीच स्थित तालाब की जमीन को ग्राम पंचायत के अधिकार में रखा जाए और उसके बदले गांव से बाहर बराबर क्षेत्रफल की जमीन पर नया तालाब विकसित किया जाए। इससे गांव में जल संरक्षण की व्यवस्था भी बनी रहेगी और पशुधन के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर वर्षों पहले मकान बन चुके हैं, वहां विशेष नीति के माध्यम से लोगों को मालिकाना हक देने पर विचार किया जा सकता है। उनका कहना था कि इस व्यवस्था से लंबे समय से चले आ रहे विवाद समाप्त होंगे और बची हुई भूमि का नियोजित विकास भी किया जा सकेगा।
मंत्री ने संकेत दिए कि यदि इस संबंध में कैबिनेट स्तर पर सहमति बनती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों की जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकल सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय राज्य सरकार और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।
Akhil Mahajan