हरियाणा में मानसून ने मचाया हाहाकार, नदियां उफान पर-7 जिलों में बारिश, 4 में ऑरेंज अलर्ट; हिसार समेत 7 जिलों में स्कूल बंद

हरियाणा में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। घग्गर और मारकंडा नदी ओवरफ्लो होने से कई गांव जलमग्न हैं। हिसार, भिवानी और कुरुक्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई जिलों में स्कूल बंद और 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट।

हरियाणा में मानसून ने मचाया हाहाकार, नदियां उफान पर-7 जिलों में बारिश, 4 में ऑरेंज अलर्ट; हिसार समेत 7 जिलों में स्कूल बंद

हरियाणा में नदियां उफान पर, घग्गर-मारकंडा ओवरफ्लो से कई गांव डूबे
7 जिलों में स्कूल बंद, 4 जिलों में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
हिसार-भिवानी-कुरुक्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित, राहत-बचाव जारी


हरियाणा में मानसून ने एक बार फिर कहर बरपा दिया है। मंगलवार देर रात से शुरू हुई बरसात ने बुधवार को हालात और बिगाड़ दिए। पंचकूला, अंबाला, करनाल, सोनीपत, पानीपत, यमुनानगर और झज्जर में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।

यमुना नदी में पानी का बहाव लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। हथिनीकुंड बैराज से सुबह 7 बजे तक 1.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे दिल्ली समेत यमुना किनारे के इलाकों में अलर्ट जारी है।

घग्गर नदी पंचकूला में 9000 क्यूसेक पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 25,000 है। कैथल में पानी का स्तर खतरे के निशान से सिर्फ एक फुट नीचे है। कुरुक्षेत्र के पिहोवा और शाहाबाद ब्लॉक के गांवों में नदी ओवरफ्लो होकर खेतों और सड़कों में घुस गई है।

मारकंडा नदी की स्थिति सबसे खतरनाक है। यहां पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। शाहाबाद के आठ गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। जलबेहड़ा के पास नदी का पानी ओवर होकर दीवार के ऊपर से बीबीपुर चैनल लिंक में जा रहा है।

टांगरी नदी भी बढ़ रही है। फिलहाल 11,000 क्यूसेक पर है, लेकिन बारिश जारी रही तो खतरे के निशान को पार कर सकती है। अंबाला की छह कॉलोनियां जलभराव से जूझ रही हैं।

हिसार जिले में हालात सबसे भयावह हैं। 180 गांव पानी में डूब गए हैं। 7 ड्रेनें टूट चुकी हैं और कई टूटने की कगार पर हैं। निचले इलाकों के घर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। लोग ट्रैक्टरों पर बैठकर गलियों और मोहल्लों को पार कर रहे हैं।

भिवानी जिले में भी 7600 एकड़ भूमि जलमग्न हो चुकी है। 25 से ज्यादा गांवों में पानी भर गया है। समाण-धमाना ड्रेन और बजीना माइनर टूटने से खेतों में 5 फीट तक पानी जमा है।

कुरुक्षेत्र में स्थिति गंभीर है। मारकंडा नदी का जलस्तर 29,778 क्यूसेक तक पहुंच गया है। यहां 18 गांव प्रभावित हैं। 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

अंबाला में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सोनिया कॉलोनी, विकास पुरी, न्यू लक्की नगर और इंदर नगर में घुटनों तक पानी भरा है।

प्रदेशभर में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।