वर्क स्लिप और लेबर रजिस्ट्रेशन घोटाले की हाई लेवल जांच, 2 आईएएस और 1 आईपीएस की कमेटी करेगी जांच
हरियाणा के श्रम विभाग में वर्क स्लिप और लेबर रजिस्ट्रेशन से जुड़े 1500 करोड़ रुपए के घोटाले पर मुख्यमंत्री ने हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं। एक माह में रिपोर्ट आएगी।
- श्रम विभाग में 1500 करोड़ के घोटाले पर सीएम के सख्त निर्देश
- 2 आईएएस और 1 आईपीएस की हाई लेवल जांच कमेटी गठित
- एक माह में सरकार को सौंपेगी विस्तृत रिपोर्ट
चंडीगढ़। हरियाणा के श्रम विभाग में वर्क स्लिप वेरिफिकेशन और लेबर रजिस्ट्रेशन से जुड़े करीब 1500 करोड़ रुपए के कथित घोटाले पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार मामले की गहन जांच के लिए हाई लेवल इन्वेस्टिगेशन कमेटी का गठन किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार गठित कमेटी में दो आईएएस अधिकारी और एक आईपीएस अधिकारी को शामिल किया गया है। यह कमेटी एक माह के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
श्रम विभाग की जिम्मेदारी वर्तमान में कैबिनेट मंत्री अनिल विज के पास है। इसी घोटाले को उजागर करने का दावा भी मंत्री अनिल विज की ओर से किया गया है। विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच के बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, जिसके बाद सीएम स्तर पर हस्तक्षेप हुआ।
हालांकि इस पूरे मामले में सीएमओ को पत्र न मिलने को लेकर स्थिति साफ नहीं है। श्रम मंत्री अनिल विज का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस घोटाले की जानकारी दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार ऐसा कोई पत्र रिकॉर्ड में प्राप्त नहीं हुआ है।
विभागीय स्तर पर यह जरूर स्वीकार किया गया है कि इस विषय से संबंधित एक फाइल सीएमओ को भेजी गई थी। फाइल में बताया गया था कि विभाग ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। वहीं 9 जिलों की रिपोर्ट अभी लंबित है।
फाइल के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया था कि सभी जिलों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूर्ण और समेकित रिपोर्ट सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश स्तर पर जांच तेज कर दी गई है।
इस घोटाले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई हो सकती है।
Akhil Mahajan