हरियाणा IPS सुसाइड केस में छठे दिन भी पोस्टमॉर्टम नहीं, SIT जांच के लिए रोहतक पहुंची
हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के छठे दिन भी पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ चंडीगढ़ में महापंचायत ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया SIT ने SC ST एक्ट की कठोर धारा 3 2 V लगाई और जांच तेज कर दी
➤ IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में छठे दिन भी पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ
➤ महापंचायत ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
➤ SIT ने SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(V) लगाई, जिसमें उम्रकैद का प्रावधान
हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक न तो पोस्टमॉर्टम हो सका और न ही अंतिम संस्कार। मामले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने रविवार को रोहतक पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार को पत्र भेजा है और मृतक की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार से शव की पहचान के लिए आने का अनुरोध किया है, ताकि पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी हो सके।
इस बीच, चंडीगढ़ सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में आयोजित महापंचायत में सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। पंचायत ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पद से हटाने और रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया की गिरफ्तारी की मांग की। पंचायत ने चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन उग्र रूप लेगा।
महापंचायत के बाद जब लोग हरियाणा के गवर्नर अशीम घोष को ज्ञापन देने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद गवर्नर स्वयं आईएएस अमनीत पी. कुमार से मिलने उनके सेक्टर-11 स्थित आवास पर पहुंचे और लगभग 22 मिनट तक वार्ता की। इस दौरान हरियाणा सीआईडी के एडीजीपी सौरभ सिंह भी मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि दिवंगत आईपीएस की पत्नी के आवास पर दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ विशेष बैठक भी हुई। ज्ञात रहे कि 7 अक्टूबर को सेक्टर-11 स्थित सरकारी कोठी में वाई पूरन कुमार ने सुसाइड किया था।
मामले के दौरान कई चर्चित बयान भी सामने आए। पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने महापंचायत के मंच से कहा कि “महर्षि वाल्मीकि ब्राह्मण थे”, जिसके बाद उपस्थित लोगों में हंगामा हो गया। वहीं, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि वे लगातार परिवार के संपर्क में हैं और परिवार के कहने पर ही रोहतक एसपी को हटाया गया। इस बीच, गुरमेल सिंह ने कहा कि सरकार नौकरी या पद का लालच देकर परिवार को शांत करने की कोशिश कर रही है, जो सफल नहीं होगी।
SIT की जांच में SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(V) जोड़ी गई है। यह धारा पहले की तुलना में अधिक कठोर है और इसमें आजीवन कारावास व जुर्माने का प्रावधान है। पहले इस केस में धारा 3(1)(r) लागू थी, जिसमें अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान था।
SIT टीम ने रोहतक से गनमैन केस से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मंगाया है। वहीं, जांच टीम ने अमनीत पी. कुमार को चंडीगढ़ अस्पताल बुलाकर औपचारिक पहचान प्रक्रिया पूरी करने को कहा है, ताकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का सोमवार सुबह 10 बजे दिवंगत आईपीएस वाई पूरन कुमार के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वह तेलंगाना सरकार की ओर से शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे।
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