हरियाणा के IAS-IPS अफसरों से मांगी गई प्रॉपर्टी डिटेल, 31 जनवरी 2026 तक संपत्ति विवरण देना अनिवार्य

हरियाणा सरकार ने IAS-IPS अधिकारियों से 31 जनवरी 2026 तक संपत्ति का विवरण मांगा है। समय पर जानकारी न देने पर कार्रवाई और प्रमोशन रोकने की चेतावनी दी गई है।

हरियाणा के IAS-IPS अफसरों से मांगी गई प्रॉपर्टी डिटेल,  31 जनवरी 2026 तक संपत्ति विवरण देना अनिवार्य
  • IAS-IPS अफसरों से प्रॉपर्टी डिटेल मांगी
  • 31 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन देना अनिवार्य
  • देरी पर कार्रवाई और प्रमोशन रुक सकता है


हरियाणा सरकार ने राज्य के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से उनकी अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा मांगा है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक अपनी प्रॉपर्टी डिटेल ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करनी होगी।

यह निर्देश केंद्र सरकार की ओर से सभी आईएएस अधिकारियों के लिए जारी किया गया है। हरियाणा के अधिकारी भी इस आदेश के दायरे में आते हैं। समय पर विवरण न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही उनकी पदोन्नति भी रोकी जा सकती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया नई नहीं है और डीओपीटी के 4 अप्रैल 2011 के निर्देशों के तहत हर साल संपत्ति विवरण देना अनिवार्य होता है। नियमों के अनुसार, जो अधिकारी समय पर आईपीआर जमा नहीं करते, उनकी सतर्कता मंजूरी रोकी जा सकती है। ऐसे अधिकारी विदेशी पोस्टिंग सहित केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के लिए भी अयोग्य माने जाएंगे।

हाल ही में अप्रैल महीने में हरियाणा के शीर्ष आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सामने आया था। इनमें फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियों का ब्योरा शामिल था। यह जानकारी केंद्र सरकार को दी गई रिपोर्ट के आधार पर सार्वजनिक हुई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा कैडर के कई वरिष्ठ अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। इन तथ्यों की पुष्टि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों द्वारा डीओपीटी को भेजी गई जानकारी से हुई है। फिलहाल हरियाणा कैडर में 169 आईएएस और 106 आईपीएस अधिकारी कार्यरत हैं।

केंद्र सरकार पहले ही 23 दिसंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर चुकी है। अब राज्य सरकार ने इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।