हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को दूसरा एक्सटेंशन! 2 IAS अफसरों की उम्मीदों को झटका
हरियाणा सरकार ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलने पर प्रदेश की नौकरशाही का समीकरण बदल सकता है
➤ हरियाणा सरकार ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के दूसरे सेवा विस्तार का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
➤ मंजूरी मिलने पर 30 जून के बाद भी मुख्य सचिव पद पर बने रह सकते हैं
➤ विस्तार मिलने से 2 वरिष्ठ IAS अधिकारियों की दावेदारी पर पड़ सकता है असर
हरियाणा की नौकरशाही में इन दिनों मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के संभावित दूसरे सेवा विस्तार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने रस्तोगी के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो वह 30 जून के बाद भी हरियाणा के मुख्य सचिव के पद पर बने रहेंगे। बताया जा रहा है कि यह विस्तार तीन महीने से लेकर एक वर्ष तक का हो सकता है।
अनुराग रस्तोगी का मौजूदा कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। इससे पहले जून 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। अब सरकार उनके अनुभव और राज्य में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की निरंतरता को देखते हुए एक और एक्सटेंशन चाहती है।
सरकार क्यों देना चाहती है दूसरा एक्सटेंशन
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण डिजिटल, वित्तीय और प्रशासनिक सुधार परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम, ई-गवर्नेंस, परिवार पहचान पत्र (PPP) से जुड़ी योजनाएं, निवेश एवं औद्योगिक परियोजनाएं और केंद्र प्रायोजित विकास योजनाएं शामिल हैं। सरकार का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से इन परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री का भरोसा भी बड़ी वजह
प्रशासनिक हलकों में अनुराग रस्तोगी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय को भी सेवा विस्तार के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है।
वित्त और प्रशासन का लंबा अनुभव
अनुराग रस्तोगी लंबे समय तक वित्त एवं प्रशासनिक विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। सरकार का मानना है कि आर्थिक प्रबंधन और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनका अनुभव अभी भी राज्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
बदल सकता है अफसरशाही का गणित
यदि अनुराग रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार मिलता है तो हरियाणा की नौकरशाही का पूरा समीकरण बदल सकता है। वरिष्ठता के आधार पर अगले मुख्य सचिव की दौड़ में शामिल अधिकारियों की संभावनाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
1990 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी सुधीर राजपाल और डॉ. सुमिता मिश्रा मुख्य सचिव पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। लेकिन रस्तोगी के कार्यकाल बढ़ने की स्थिति में दोनों अधिकारियों की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
सबसे ज्यादा असर किन अधिकारियों पर
सुधीर राजपाल इसी वर्ष 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि डॉ. सुमिता मिश्रा 31 जनवरी 2027 को रिटायर होंगी। यदि अनुराग रस्तोगी को छह महीने या उससे अधिक का विस्तार मिलता है तो दोनों अधिकारियों के मुख्य सचिव बनने की संभावना काफी कम हो सकती है।
इसी कारण प्रशासनिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। कई अधिकारी इसे प्रशासनिक निरंतरता और वरिष्ठता के अधिकार के बीच संतुलन का विषय मान रहे हैं।
यूपी मॉडल का भी दिया जा रहा उदाहरण
सेवा विस्तार के मामलों में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का उदाहरण भी चर्चा में है। भाजपा सरकार के दौरान उन्हें लगातार तीन बार सेवा विस्तार मिला था और वह करीब ढाई वर्ष तक मुख्य सचिव पद पर बने रहे थे।
सूत्रों का दावा है कि हरियाणा सरकार भी अनुराग रस्तोगी के लिए इसी तरह एक वर्ष तक के सेवा विस्तार की मंजूरी चाहती है। हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद ही होगा।
Akhil Mahajan