हरियाणा ₹590 करोड़ IDFC बैंक फ्रॉड में ED की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज करने की तैयारी; ACB से मांगे दस्तावेज
हरियाणा के ₹590 करोड़ IDFC बैंक फ्रॉड केस में ED की एंट्री हो गई है। ACB से दस्तावेज मांगे गए हैं और मनी-लॉन्ड्रिंग की FIR दर्ज करने की तैयारी है। चंडीगढ़-पंचकूला कनेक्शन की गहन जांच जारी है।
■ ₹590 करोड़ घोटाले में ED की पैरलल जांच शुरू
■ ACB से दस्तावेज तलब, मनी-लॉन्ड्रिंग की FIR होगी दर्ज
■ चंडीगढ़-पंचकूला कनेक्शन, चारों आरोपियों से पूछताछ संभव
हरियाणा के चर्चित ₹590 करोड़ IDFC बैंक फ्रॉड केस में अब Enforcement Directorate (ED) की एंट्री हो गई है। सरकारी विभागों के फंड से जुड़े इस बड़े घोटाले में ED ने जांच कर रही Anti Corruption Bureau Haryana (ACB) को पत्र लिखकर केस से संबंधित सभी अहम दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज मिलते ही ED मनी-लॉन्ड्रिंग की FIR दर्ज कर अपनी औपचारिक जांच शुरू करेगी।
सूत्रों के मुताबिक ED ने इस मामले में पैरलल इन्वेस्टिगेशन भी शुरू कर दी है। अधिकारी ACB कार्यालय पहुंचे और केस से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाई। अभी तक ED ने आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ नहीं की है, लेकिन ACB की रिमांड खत्म होते ही उन्हें अपनी हिरासत में लेने की तैयारी है।
यह घोटाला IDFC First Bank की चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित शाखा से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां सरकारी विभागों की एफडी के नाम पर करोड़ों रुपए का खेल सामने आया।
मुख्य आरोपी से वकील की मुलाकात
शुक्रवार को मुख्य आरोपी रिभव ऋषि से उसके वकील ने मुलाकात की। हालांकि ACB ने करीब 10 मिनट की ही अनुमति दी और अधिकारी वहीं मौजूद रहे। दूसरी ओर सिंगला परिवार की तरफ से अभी तक वकील पेश नहीं किया गया है। रिभव ऋषि की पत्नी का नाम भी जांच में सामने आया है, लेकिन उससे अब तक पूछताछ नहीं हुई है।
ACB जांच कहां तक पहुंची
बैंक अधिकारियों से पूछताछ
ACB ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब कर कई दौर की पूछताछ की। आरोपियों का आमना-सामना भी बैंककर्मियों से कराया गया। फिलहाल कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
लैपटॉप से डेटा रिकवर
आरोपियों के घर से बरामद लैपटॉप की फोरेंसिक जांच चल रही है। आशंका है कि अहम डेटा डिलीट किया गया, जिसे साइबर एक्सपर्ट की मदद से रिकवर किया जा रहा है। कुछ डायरी और हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
जीरकपुर बिल्डर कनेक्शन
जांच में सामने आया कि आरोपियों का संपर्क एक रियल एस्टेट एजेंट के जरिए बिल्डर से था। फ्लैट खरीदने और निवेश से जुड़े लेनदेन की जांच जारी है। बिल्डर मैनेजमेंट से जुड़े लोगों और चंडीगढ़ के एक कारोबारी की तलाश की जा रही है।
ज्वेलर्स से ट्रांजेक्शन डिटेल मांगी
चंडीगढ़-पंचकूला के दो ज्वेलर्स के नाम पर हुए ट्रांजेक्शन की जांच के लिए ACB टीम शोरूम पहुंची। खरीददारी और भुगतान की डिटेल मांगी गई है, लेकिन अभी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई।
घोटाले के चार किरदार
रिभव ऋषि – बैंक मैनेजर
सेक्टर-32 शाखा का मैनेजर रहा और कथित तौर पर पूरे फ्रॉड का सूत्रधार माना जा रहा है। 6 महीने पहले बैंक की नौकरी छोड़ चुका था।
अभय – रिलेशनशिप मैनेजर
सरकारी अधिकारियों से संपर्क कर एफडी बनवाने का काम करता था। योजना के तहत अपनी पत्नी और साले को शामिल किया।
स्वाति सिंगला – फर्जी कंपनी की संचालक
‘स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट’ नाम से कंपनी बनाई, जिसमें 75% हिस्सेदारी थी। इसी कंपनी के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर हुई।
अभिषेक सिंगला – कंपनी में 25% हिस्सेदारी
रियल एस्टेट और अन्य निवेश में फंड लगाने व निकालने की जिम्मेदारी संभालता था।
यदि ED औपचारिक रूप से केस दर्ज करती है तो यह मामला केवल फ्रॉड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मनी-लॉन्ड्रिंग, संपत्ति कुर्की और बड़ी वित्तीय जांच तक जा सकता है। ऐसे में चंडीगढ़-पंचकूला का यह बैंक घोटाला आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का कारण बन सकता है।
shubham