■ हरियाणा के 590 करोड़ बैंक घोटाले में हाई-लेवल जांच कमेटी गठित
■ आईएएस अरुण कुमार गुप्ता करेंगे कमेटी की अगुवाई
■ IDFC और AU बैंक की भूमिका व मंजूरी प्रक्रिया की होगी जांच
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक खातों से करीब 590 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्यपाल के आदेश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित की गई है। कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आईएएस अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। यह कमेटी एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार, यह मामला IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा में सामने आया, जहां हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में भारी वित्तीय गड़बड़ी पकड़ी गई। जांच के दायरे में AU Small Finance Bank को भी शामिल किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने पंचकूला सेक्टर-17 स्थित थाने में दोनों बैंकों के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित रिकॉर्ड तलब किए गए हैं।
एक महीने में रिपोर्ट देगी कमेटी
गठित कमेटी यह जांच करेगी कि इन बैंकों को सरकारी पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया और मंजूरी कैसे दी गई। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन अधिकारियों ने सरकारी विभागों के खातों से इन बैंकों में धनराशि ट्रांसफर करने की अनुमति दी। कमेटी में पंचायत विभाग के डायरेक्टर अनीश यादव, पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर विनय कुमार और हरियाणा लोक सेवा आयोग के डिप्टी सेक्रेटरी सतीश कुमार भी सदस्य हैं। कमेटी यह भी परखेगी कि राज्य सरकार की मौजूदा बैंकिंग नीति इन बैंकों के लिए उपयुक्त थी या नहीं। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए नई और सख्त नीति बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
खुद बैंक ने किया खुलासा, 4 कर्मचारी सस्पेंड
घोटाले का खुलासा स्वयं बैंक ने किया। IDFC First Bank ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी कि उसके कुछ कर्मचारियों ने अनधिकृत और गलत तरीके से लेनदेन किए। प्राथमिक जांच में बाहरी लोगों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है। बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश दिए हैं। 20 फरवरी को बैंक की स्पेशल कमेटी फॉर मॉनिटरिंग फ्रॉड्स की बैठक हुई, जिसके बाद 21 फरवरी को ऑडिट कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में मामले की समीक्षा की गई।
रिकवरी की प्रक्रिया शुरू, सरकार का दावा- पैसा सुरक्षित
बैंक ने जिन खातों में संदिग्ध ट्रांसफर हुआ, उन बैंकों को रिकॉल रिक्वेस्ट भेजकर रकम होल्ड करने को कहा है। इस बीच 24 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि 590 करोड़ रुपये रिकवर कर लिए गए हैं और सरकार का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बैंक ने मामले की जानकारी Reserve Bank of India को भी दे दी है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।
यह घोटाला न केवल बैंकिंग प्रणाली बल्कि सरकारी वित्तीय निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब सबकी नजर हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि इस वित्तीय चूक के पीछे कौन जिम्मेदार था और भविष्य में ऐसे मामलों को कैसे रोका जाएगा।