..आंटी घर बुलाती, एप से जोड़ती और VIDEO कॉल पर कपड़े उतरवाती, जितनी बार कपड़े उतारते उतने डायमंड मिलते,
पड़ोसी महिला पर वीडियो कॉल के जरिए अनुचित गतिविधियों के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस पॉक्सो एक्ट के तहत मामले की जांच कर रही है।
➤ 12 वर्षीय नाबालिग ने पड़ोसी महिला पर वीडियो कॉल के जरिए अश्लील एक्टिविटी कराने का आरोप लगाया
➤ कपड़े उतरवाने पर वर्चुअल करेंसी मिलने और उससे कमाई करने का दावा
➤ चुप रहने के लिए 40 लाख रुपए ऑफर करने का आरोप, पुलिस कर रही जांच
हरियाणा में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की ने पड़ोस में रहने वाली महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नाबालिग का दावा है कि महिला उसे अपने घर बुलाकर एक ऑनलाइन चैटिंग एप्लीकेशन से जोड़ती थी और वीडियो कॉल के माध्यम से अजनबी युवकों के संपर्क में लाती थी। आरोप है कि इस दौरान उससे अनुचित और अशोभनीय गतिविधियां करने का दबाव बनाया जाता था।
नाबालिग ने पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आकर कहा कि महिला उसे बार-बार अपने घर बुलाती थी। वहां मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए वीडियो कॉल कराई जाती थी, जिसमें दूसरी तरफ कुछ युवक जुड़े रहते थे। लड़की का आरोप है कि उसे वीडियो कॉल के दौरान कपड़े उतारने और अनुचित हरकतें करने के लिए मजबूर किया जाता था।
पीड़िता के अनुसार, वीडियो कॉल के दौरान महिला के अकाउंट में "डायमंड" नाम की वर्चुअल करेंसी आती थी। नाबालिग का दावा है कि जितनी अधिक आपत्तिजनक गतिविधियां कराई जाती थीं, उतने अधिक डायमंड मिलते थे, जिन्हें बाद में पैसे में बदला जाता था।
नाबालिग ने यह भी आरोप लगाया कि उसने पुलिस के सामने वीडियो कॉल से जुड़े कुछ लोगों की पहचान की थी, लेकिन अभी तक उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं महिला और उसके परिवार पर भी कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता का यह भी कहना है कि अब उस पर और उसके परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। लड़की ने आरोप लगाया कि मामले को शांत करने के लिए 40 लाख रुपए का प्रस्ताव दिया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला
नाबालिग की मां के अनुसार 28 मार्च को पड़ोस में रहने वाली महिला उनकी बेटी को अपने घर लेकर गई थी। जब उन्हें इस बात का संदेह हुआ तो वह भी वहां पहुंचीं। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर पूरी गतिविधि की जानकारी मिली और पुलिस को शिकायत दी गई।
परिवार की शिकायत पर 6 अप्रैल को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद से परिवार लगातार कार्रवाई की मांग करता रहा है।
फेसबुक लाइव और आत्महत्या की चेतावनी
परिवार का आरोप है कि कार्रवाई में देरी होने के कारण 15 जून को नाबालिग के माता-पिता फेसबुक लाइव पर आए और आत्महत्या की चेतावनी दी। बाद में मामले ने और तूल पकड़ लिया तथा दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
दूसरे पक्ष ने भी लगाए आरोप
16 जून को दूसरे पक्ष के लोगों ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए विरोध जताया। मामले में दोनों परिवारों के बीच गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।
DSP ने क्या कहा
डीएसपी सुनील कुमार के अनुसार पूरे मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से विभिन्न स्तरों पर कई शिकायतें दी गई हैं। वर्तमान में मामले की जांच अंबाला जिले के बराड़ा के डीएसपी द्वारा की जा रही है। केस केयूके थाना क्षेत्र में दर्ज है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan