चानौत जल आंदोलन हुआ उग्र, आधी रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मारपीट, लाठीचार्ज के आरोप, ट्रैक्टरों के साथ शक्ति प्रदर्शन

भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर चानौत गांव का आंदोलन उग्र हो गया। पुलिस कार्रवाई के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने 250 ट्रैक्टरों के साथ हांसी में शक्ति प्रदर्शन किया।

चानौत जल आंदोलन हुआ उग्र, आधी रात पुलिस  और प्रदर्शनकारियों के बीच मारपीट, लाठीचार्ज के आरोप,  ट्रैक्टरों के साथ शक्ति प्रदर्शन

➤ आधी रात अनशनकारियों को उठाने पहुंची पुलिस, ग्रामीणों ने लगाए मारपीट के आरोप

➤ सैकड़ों ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासनिक टीम को लौटना पड़ा

➤ 250 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ हांसी पहुंचे ग्रामीण, टी-कनेक्शन मिलने तक आंदोलन जारी


भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर चानौत गांव में चल रहा आंदोलन बुधवार देर रात उस समय उग्र हो गया, जब ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर आमरण अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि रात करीब दो बजे पुलिस और प्रशासनिक टीम धरना स्थल पर पहुंची और अनशनकारियों को जबरन उठाने का प्रयास किया।

ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि अनशन पर बैठे लोगों को घसीटा गया और उन पर डंडे भी चलाए गए। इस कार्रवाई के विरोध में धरना स्थल पर तनाव का माहौल बन गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए।

आधी रात हुई इस घटना की सूचना गांव में फैलते ही महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीण धरना स्थल पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भारी विरोध और बढ़ते हंगामे के चलते प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा।

घटना के बाद आंदोलनकारियों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली। इसके विरोध में ग्रामीणों ने पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत वीरवार सुबह बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। चानौत गांव से 250 से अधिक ट्रैक्टरों का विशाल काफिला जींद रोड के रास्ते हांसी के लिए रवाना हुआ।

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर के अधिकांश मार्गों पर बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और ट्रैक्टरों के काफिले के कारण प्रशासन को उन्हें निर्धारित मार्ग से शहर में प्रवेश देने की अनुमति देनी पड़ी।

लघु सचिवालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पेयजल संकट के विरोध में मटके फोड़कर अपना रोष जताया। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है और इसका स्थायी समाधान केवल हांसी पेयजल लाइन से टी-कनेक्शन मिलने पर ही संभव है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।