भाखड़ा पानी विवाद पर फिर बवाल: हांसी में लाठीचार्ज और आंसू गैस, प्रशासन रात में उखाड़ ले गया टी-पॉइंट
हांसी के चैनत गांव में भाखड़ा पानी विवाद पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव हो गया। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया, जबकि प्रशासन ने रात में टी-पॉइंट हटा दिया।
➤ हांसी के चैनत गांव में भाखड़ा पानी को लेकर फिर भड़का विवाद
➤ ग्रामीणों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, लाठीचार्ज किया
➤ रात डेढ़ बजे प्रशासन ने पाइपलाइन से टी-पॉइंट उखाड़ा
हरियाणा के हांसी में भाखड़ा के पानी को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर उग्र हो गया। सोमवार देर रात चैनत गांव में प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पाइपलाइन से लगाया गया टी-पॉइंट हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार रात करीब डेढ़ बजे DC राहुल नरवाल और SP विनोद कुमार की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम जेसीबी और हाइड्रा मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही पाइपलाइन से टी-पॉइंट हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान बास थाना में तैनात ASI प्रीतम सिंह के सिर में चोट लग गई, जिन्हें उपचार के लिए हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में कुछ महिलाओं को भी चोटें आई हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब ग्रामीणों ने दावा किया कि 20 जून को सरकार उनकी मांगें मान चुकी थी। सरपंच एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सोमेश कुमार ने धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि गांव को पानी देने के लिए टी-पॉइंट लगाने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया था और अनशन कर रहे बुजुर्गों को जूस पिलाकर आंदोलन खत्म कराया गया था।
हालांकि अगले ही दिन प्रशासन ने किसी भी प्रकार की सहमति या समझौते से इनकार कर दिया। 21 जून को पेयजल पाइपलाइन से छेड़छाड़ के आरोप में FIR भी दर्ज कर ली गई। पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों ने कहा कि विभाग की अनुमति के बिना सरकारी पाइपलाइन में करीब 6 इंच का टी-पॉइंट लगाया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना विशेष रूप से हांसी शहर को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। करीब 80 करोड़ रुपए की लागत से अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही यह पाइपलाइन राजली हेड से हांसी शहर तक पानी पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही है।
वहीं ग्रामीणों का तर्क है कि जब पाइपलाइन उनके गांव से होकर गुजर रही है तो गांव को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर 16 मई से आंदोलन चल रहा है। इससे पहले 1 जून को भी ग्रामीणों ने पाइपलाइन उखाड़ने का प्रयास किया था और हांसी-बरवाला रोड पर जाम लगाया था।
अब प्रशासन द्वारा टी-पॉइंट हटाए जाने और बल प्रयोग के बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है।
Akhil Mahajan