फारूक अब्दुल्ला पर हमला: हमलावर ने सिर पर कुछ इंच दूर से गोली चलाई , पूर्व सीएमू बोले- ऊपर वाले ने बचाया
जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग की घटना हुई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से वे बाल-बाल बच गए।
■ शादी समारोह में फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग, बाल-बाल बचे
■ सिर से कुछ इंच दूर चली गोली, सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर का हाथ ऊपर किया
■ आरोपी बोला- 20 साल से मारने की इच्छा थी, कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी
जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष Farooq Abdullah पर बुधवार रात जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई। हमलावर ने उनके सिर के पास से कुछ इंच की दूरी से गोली चलाई, लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की तत्परता और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। घटना के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी प्रोटेक्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब फारूक अब्दुल्ला जम्मू में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। समारोह में उनके साथ राज्य के डिप्टी सीएम Surinder Choudhary भी मौजूद थे। शादी से निकलते समय अचानक एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल से गोली चला दी। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमलावर का हाथ ऊपर कर दिया, जिससे गोली हवा में चली गई और फारूक अब्दुल्ला को कोई नुकसान नहीं हुआ।
घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि जब वे समारोह से बाहर निकल रहे थे तो उन्हें एक तेज आवाज सुनाई दी और पहले उन्हें लगा कि शायद पटाखा फूटा है। बाद में सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति ने पिस्तौल से दो गोलियां चलाई थीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों के बीच-बचाव से हथियार ऊपर हो गया और वे सुरक्षित बच गए। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि “मुझे ऊपर वाले ने बचाया है।”
आरोपी बोला- 20 साल से मारने की इच्छा थी
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद हमलावर कमल सिंह जमवाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 70 वर्ष का है और कई वर्षों से लाइसेंसी हथियार रखता है। उसे गुरुवार को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इस दौरान आरोपी ने कहा कि उसने किसी के कहने पर गोली नहीं चलाई बल्कि अपनी मर्जी से यह कदम उठाया। उसने पुलिस को बताया कि वह पिछले लगभग 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर हमले के पीछे की असली वजह और संभावित साजिश की जांच कर रही है।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में देखा जा सकता है कि आरोपी पीछे-पीछे चलते हुए फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब पहुंच जाता है और अचानक उनके सिर के पास रिवॉल्वर तान देता है। जैसे ही वह गोली चलाता है, सुरक्षाकर्मी तुरंत उसका हाथ पकड़कर ऊपर कर देते हैं और उसे जमीन पर गिरा देते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को काबू में कर लिया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने फोन कर जाना हाल
घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने फारूक अब्दुल्ला को फोन कर उनका हालचाल जाना और पूरी घटना की जानकारी ली। इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक व्यक्ति लोडेड पिस्टल लेकर उनके पिता के बेहद करीब पहुंच गया और गोली चला दी। उन्होंने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि उनके पिता सुरक्षित हैं, लेकिन यह बड़ा सवाल है कि Z+ सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया।
डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने भी इस घटना को बड़ी सुरक्षा चूक बताया और कहा कि पुलिस को जवाब देना चाहिए कि कार्यक्रम स्थल पर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
हमले के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
इस घटना के बाद Jammu and Kashmir National Conference के हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जम्मू में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी के झंडे और बैनर लेकर इस हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक राजनीति पर हमला बताया और कहा कि इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर की राजनीति के सबसे बड़े और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके पिता Sheikh Abdullah भी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे थे। फारूक अब्दुल्ला ने पहले मेडिकल की पढ़ाई की और कुछ समय तक डॉक्टर के रूप में काम किया, लेकिन बाद में राजनीति में आ गए। वे 2009 से 2014 तक केंद्र सरकार में ऊर्जा मंत्री भी रह चुके हैं।
Akhil Mahajan