हिमाचल की शहरी परियोजनाओं के लिए केंद्र से मांगी विशेष मदद, विक्रमादित्य सिंह ने मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर शिमला और बद्दी की शहरी विकास परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की।
■ विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात
■ शिमला और बद्दी की शहरी परियोजनाओं के लिए विशेष सहायता की मांग
■ AMRUT 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन में हिमाचल का आवंटन बढ़ाने का आग्रह
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री Vikramaditya Singh ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की।
बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शहरी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।
शिमला और बद्दी की परियोजनाओं के लिए आर्थिक सहयोग की मांग
मुलाकात के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने Shimla के जाठिया देवी प्रोजेक्ट और Baddi के हिम चंडीगढ़ प्रोजेक्ट के लिए केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लागू होने से राज्य के शहरी क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
AMRUT 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन में आवंटन बढ़ाने की मांग
शहरी विकास मंत्री ने केंद्र से AMRUT 2.0 और Swachh Bharat Mission (Urban) के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्रीय आवंटन बढ़ाने का अनुरोध भी किया।
उन्होंने कहा कि इससे राज्य के अधिक शहरी स्थानीय निकायों को पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, वर्षा जल निकासी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
सभी शहरों में आधुनिक शहरी सुविधाएं देने का लक्ष्य
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी शहरों में घर-घर नल कनेक्शन, आधुनिक सीवरेज शोधन संयंत्र और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करना है।
इसके अलावा डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए National Urban Digital Mission के तहत वन स्टेट, वन पोर्टल मॉडल लागू किया जा रहा है, जिससे शहरी सेवाओं को ऑनलाइन और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष सहयोग की जरूरत
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से मिलने वाला अधिकांश फंड जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर तय किया जाता है, जबकि पहाड़ी राज्यों में परियोजनाओं की लागत और भौगोलिक चुनौतियां अधिक होती हैं।
इसलिए हिमाचल प्रदेश को विशेष श्रेणी के पहाड़ी राज्य के रूप में अतिरिक्त वित्तीय सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि विकास परियोजनाओं को गति मिल सके।
केंद्र ने दिया सकारात्मक आश्वासन
इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सहयोग देने की दिशा में प्रयास करेगी।
Akhil Mahajan