महापंचायत में किसान की हार्ट अटैक से मौत, शहीद का दर्जा मांगा
बालसमंद में महापंचायत के दौरान किसान रामकुमार की हार्ट अटैक से मौत। किसानों ने शहीद का दर्जा और मुआवजे की मांग की। SDM से वार्ता, सरकार को 12 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया गया।
• बालसमंद महापंचायत में बैठे किसान को हार्ट अटैक, मौके पर मौत
• किसानों की मांग – मृतक को शहीद का दर्जा और मुआवजा
• SDM से किसानों की वार्ता, 12 जनवरी तक सरकार को अल्टीमेटम
बालसमंद (हिसार)। अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से गुरुवार को बालसमंद में आयोजित महापंचायत के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सभा में शामिल किसान रामकुमार (बालसमंद निवासी) को अचानक हार्ट अटैक आ गया। वह एसडीएम ज्योति मित्तल के सामने अन्य किसानों के साथ बैठे हुए थे और अचानक कुर्सी से गिर पड़े। किसानों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद सभा में मौजूद किसान नेताओं ने रामकुमार को शहीद का दर्जा देने की मांग की। महापंचायत में पहुंचे SDM ज्योति मित्तल ने किसानों की बात सुनी और कहा कि मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
किसान नेता संदीप धीरणवास ने कहा कि सरकार को 12 जनवरी तक का समय दिया गया है। यदि तब तक मुआवजा और मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो किसान पूरे जिले की पंचायत कर लघु सचिवालय पर पड़ाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी तक सभी तहसीलों में निरंतर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
हादसे में जान गंवाने वाले रामकुमार के परिवार में 2 बेटे और 3 बेटियां हैं। सभी विवाहित हैं। एक बेटा शिक्षक है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।विधायक बलवान पुनिया ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी किसानों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ने छोटे किसानों को बचाया है, नहीं तो वे मजदूर बन जाते।
महासचिव किसान सभा हनुमानगढ़ ने कहा कि किसानों की स्थिति खराब है और देश में तानाशाही बढ़ रही है, जिसके खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी होगी।
महापंचायत में डोभी क्षेत्र के शराब ठेके को हटाने की मांग भी उठी। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में ठेका नहीं हटा, तो किसान खुद हटाएंगे।
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