नेहा जिंदगी की जंग हार गई, 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थी 3 साल की बच्‍ची

फरीदाबाद के सीही गांव में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की नेहा को 10 घंटे बाद निकाला गया, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।

नेहा जिंदगी की जंग हार गई,  250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थी 3 साल की बच्‍ची

➤ 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थी 3 साल की नेहा
➤ करीब 10 घंटे बाद सुबह 4 बजे बाहर निकाला गया
➤ 15 साल से बंद बोरवेल का ढक्कन हटने के बाद हुआ हादसा


हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची नेहा को बचाने के लिए करीब 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। बच्ची को सोमवार सुबह करीब 4 बजे बोरवेल से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के समय उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इसके बाद उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिससे उसकी मौत के सही कारणों का पता चलेगा।

बच्ची को एंबुलेंस में अस्पताल लेकर जाते हुए।

यह हादसा रविवार शाम करीब 7 बजे सीही गांव में हुआ। जानकारी के मुताबिक नेहा बोरवेल के पास खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़कर बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे बोरवेल में जा गिरी। यह बोरवेल नगर निगम का था और नगर निगम के XEN संजीव कुमार के अनुसार करीब 15 साल से बंद था। कुछ दिन पहले ही उसका ढक्कन हट गया था।

हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर NDRF और SDRF की टीमें पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अंधेरा अधिक होने के कारण बोरवेल के आसपास रोशनी की व्यवस्था की गई। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के अंदर कैमरा भी डाला। कैमरे में अंदर कुछ पत्थर दिखाई दे रहे थे। इस दौरान बच्ची के रोने की आवाज भी सुनाई दी, जिससे बचाव दल और परिवार को उम्मीद बंधी रही कि उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।

बोरवेल के अंदर बच्ची की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। NDRF अधिकारी के मुताबिक बोरवेल कई साल से बंद था और करीब 125 फीट की गहराई पर गंदा पानी भरा हुआ था। पानी और बोरवेल की गहराई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी आई। बताया गया कि बच्ची का सिर नीचे की तरफ था और वह 200 फीट से ज्यादा गहराई पर अटकी हुई थी। काफी मशक्कत के बाद टीम ने उसके पैर की मदद से उसे बाहर निकाला।

बोरवेल के पास से मिट्टी हतवाते पुलिसकर्मी।

कैसे हुआ हादसा

सीही गांव में नगर निगम की जमीन पर यह बोरवेल लगा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक यह कई साल से सूखा पड़ा था। रविवार शाम 3 साल की नेहा बस्ती के अन्य बच्चों के साथ बोरवेल के पास खेल रही थी। वहां एक ट्रैक्टर भी खड़ा था।

खेलते-खेलते बच्चे ट्रैक्टर पर चढ़ गए। इसी दौरान नेहा अचानक ट्रैक्टर से गिरकर सीधे बोरवेल में जा गिरी। नेहा के बोरवेल में गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। आसपास के लोग मौके पर जुट गए और बच्ची के पिता रामदीन को घटना की जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी। इसके बाद NDRF और SDRF की टीमों को मौके पर बुलाया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने बच्ची तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए।

हादसे के बाद इकट्ठा हुई गांव की महिलाएं।

मां ने बताई हादसे की पूरी बात

बोरवेल में गिरी नेहा की मां ने बताया कि वह चाय बनाने गई थीं। जब वह वापस लौटीं तो उन्हें पता चला कि बच्ची बोरवेल में गिर गई है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बच्ची को निकालने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं।

XEN बोले- 15 साल पहले बंद किया गया था बोरवेल

नगर निगम के XEN संजीव कुमार ने बताया कि करीब 15 साल पहले इस बोरवेल को बंद किया गया था। निगम की ओर से बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया गया था। ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पिता काम पर गए थे, गांव वालों ने दी सूचना

नेहा के पिता रामदीन ने बताया कि घटना के समय वह काम पर गए हुए थे। गांव के लोगों ने उन्हें बेटी के बोरवेल में गिरने की जानकारी दी। रामदीन के चार बच्चे हैं और नेहा तीसरे नंबर की बेटी थी।

रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं। वह कई सालों से सीही गांव में रह रहे हैं और गांव में ही मजदूरी का काम करते हैं। परिवार में रामदीन, उनकी पत्नी और बच्चे हैं।

अंबाला में भी 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था बच्चा

इससे पहले अंबाला के धन्यौड़ा गांव में 30 जून 2026 को 4 साल का निरवैर 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसे बचाने के लिए करीब 21 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

निरवैर को बचाने के लिए SDRF, NDRF और स्थानीय टीम ने 15 प्रयास किए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि बोरवेल में गिरने के दौरान लगी चोट और डूबने से निरवैर की मौत हुई। बताया गया था कि खेत मालिक ने बोरवेल से मोटर निकालने के बाद उसे खुला छोड़ दिया था।

जानें क्‍या है मामला

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