एम्बुलेंस में युवती से सामूहिक दुष्कर्म , ड्राइवर और सहायक गिरफ्तार, महिला आयोग सख्त

फरीदाबाद में 25 वर्षीय युवती से निजी अस्पताल की एम्बुलेंस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ। ड्राइवर और सहायक गिरफ्तार, महिला आयोग ने संज्ञान लिया।

एम्बुलेंस में युवती से सामूहिक दुष्कर्म , ड्राइवर और सहायक गिरफ्तार, महिला आयोग सख्त

निजी अस्पताल की एम्बुलेंस में हुआ सामूहिक दुष्कर्म
ड्राइवर और सहायक गिरफ्तार, महिला आयोग सख्त


फरीदाबाद। फरीदाबाद में 25 वर्षीय युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच में पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जानकारी के विपरीत अब यह साफ हो गया है कि यह जघन्य अपराध किसी सामान्य वाहन में नहीं बल्कि एक निजी अस्पताल की एम्बुलेंस के अंदर अंजाम दिया गया। पुलिस ने इसी अस्पताल की एम्बुलेंस में तैनात चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया है।

यह वारदात सोमवार देर रात की है। खुलासे के बाद न केवल शहर की कानून व्यवस्था बल्कि आपात सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस के मुताबिक पीड़िता सोमवार रात सेक्टर-23 स्थित सहेली के घर से लौट रही थी। वह ऑटो से एनआईटी-2 चौक तक पहुंची और फिर मेट्रो चौक की ओर पैदल चली। आधी रात के करीब जब वह घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी, तभी एम्बुलेंस में सवार दो युवकों ने उसे सुरक्षित घर छोड़ने का झांसा दिया

पीड़िता ने आपात सेवा समझकर उन पर भरोसा किया, लेकिन एम्बुलेंस को गुरुग्राम की दिशा में मोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार, चलती एम्बुलेंस में कई घंटों तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया और इस दौरान उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई।

करीब तीन घंटे तक एम्बुलेंस में घुमाने के बाद आरोपी मंगलवार तड़के करीब तीन बजे राजा चौक के पास युवती को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उसे गंभीर हालत में नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता के चेहरे पर गहरे जख्म हैं, जिन पर 12 टांके लगाए गए हैं। इसके अलावा दाहिने कंधे में फ्रैक्चर है। डॉक्टरों ने बताया कि पीड़िता की हालत फिलहाल स्थिर है।

जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। एक मथुरा और दूसरा झांसी का रहने वाला है। दोनों आरोपी उसी निजी अस्पताल की एम्बुलेंस में चालक और सहायक के तौर पर कार्यरत थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला इसलिए और गंभीर है क्योंकि आरोपियों ने आपात सेवा जैसे भरोसेमंद माध्यम का दुरुपयोग किया

इस मामले से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें पीड़िता यह कहती दिख रही है कि एम्बुलेंस में बैठते ही एक आरोपी ने उसके खाते में 600 रुपये ट्रांसफर किए और फिर दरवाजे लॉक कर दिए। हालांकि पुलिस ने वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और पीड़िता को कानूनी व मानसिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान परेड कराई जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि एम्बुलेंस किन रास्तों से गुजरी, उस दौरान कौन-कौन ड्यूटी पर था और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि आपात सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।