अब WhatsApp पर मिलेगा PF बैलेंस और क्लेम स्टेटस

EPFO जल्द व्हाट्सएप पर नई सेवाएं शुरू करने जा रहा है। अब कर्मचारी WhatsApp के जरिए PF बैलेंस, क्लेम स्टेटस और ट्रांजैक्शन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

अब WhatsApp पर मिलेगा PF बैलेंस और क्लेम स्टेटस
  • EPFO जल्द व्हाट्सएप पर शुरू करेगा पीएफ सेवाएं
  • व्हाट्सएप से पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस और ट्रांजैक्शन की मिलेगी जानकारी
  • शिकायतें कम करने और मुकदमे घटाने के लिए बड़ा कदम

देशभर के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब जल्द ही व्हाट्सएप के जरिए भी अपने सदस्यों को सेवाएं उपलब्ध कराने जा रहा है। इस नई पहल के तहत कर्मचारी अपने पीएफ खाते से जुड़ी कई अहम जानकारियां सीधे व्हाट्सएप पर हासिल कर सकेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, EPFO की ओर से व्हाट्सएप आधारित सेवा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। संगठन का उद्देश्य सदस्यों तक सेवाओं की पहुंच आसान बनाना और शिकायतों को कम करना है।

नई सेवा के तहत EPFO सदस्य अपने पीएफ बैलेंस, पिछले पांच ट्रांजैक्शन, पीएफ क्लेम की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियां व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए EPFO एक विशेष पंजीकृत मोबाइल नंबर जारी करेगा।

बताया जा रहा है कि सदस्य अपने यूएएन (Universal Account Number) से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर संदेश भेजेंगे और इसके जवाब में उन्हें संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने भी इस योजना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग अपने दैनिक संचार के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में EPFO और उसके सदस्यों के बीच यह एक तेज और प्रभावी संवाद का माध्यम साबित होगा।

सरकार का मानना है कि इस नई सुविधा से सदस्यों को बार-बार EPFO दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कई समस्याओं का समाधान घर बैठे हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार, EPFO इस सेवा में AI आधारित चैटबॉट तकनीक का भी इस्तेमाल करेगा। सदस्य के मोबाइल नंबर की पहचान और सत्यापन के बाद चैटबॉट EPFO डेटाबेस से जानकारी लेकर जवाब देगा।

इस नई व्यवस्था में स्थानीय भाषाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि अलग-अलग राज्यों के लोग अपनी भाषा में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।

सूत्रों के मुताबिक, यह सेवा खासतौर पर उन मामलों पर फोकस करेगी जहां सदस्यों के अनुपालन संबंधी काम लंबित हैं। इनमें आधार प्रमाणीकरण अधूरा होना, निष्क्रिय बैंक खाते या DBT लिंकिंग जैसी समस्याएं शामिल हैं।

दरअसल, पिछले कुछ समय से EPFO से जुड़ी शिकायतों में तेजी देखी गई थी। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के पहले 11 महीनों में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के खिलाफ सबसे ज्यादा सार्वजनिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें अधिकांश मामले पीएफ निकासी, पेंशन और वेतन से जुड़े थे।

इन्हीं शिकायतों को कम करने के लिए EPFO लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है। संगठन की ‘निधि आपके निकट’ योजना के तहत लंबित मामलों के समाधान पर तेजी से काम किया जा रहा है।

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, उपभोक्ता न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या अप्रैल 2024 के 4,936 मामलों से घटकर मार्च 2026 तक 2,646 रह गई है। वहीं कुल मुकदमों की संख्या भी अप्रैल 2025 के 31,036 मामलों से घटकर अप्रैल 2026 में 27,639 हो गई है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम स्तर माना जा रहा है।