पानीपत में नशा मुक्ति अभियान के तहत डोर टू डोर जागरूकता कार्यक्रम
समालखा में नशा मुक्ति अभियान के तहत डोर टू डोर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। एएसआई जगपाल ने युवाओं, महिलाओं व बुजुर्गों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशा पीड़ितों के मुफ्त इलाज व नशा बेचने वालों की शिकायत के लिए 1933 नंबर पर कॉल करने की अपील की।
➤ समालखा में नशा मुक्ति अभियान के तहत डोर टू डोर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
➤ नशा पीड़ितों को मुफ्त इलाज की सुविधा और 1933 पर शिकायत दर्ज करने की अपील
➤ एएसआई जगपाल ने युवाओं, महिलाओं व बुजुर्गों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया सचेत
समालखा,अशोक शर्मा
समालखा, पानीपत। नशा मुक्ति अभियान के तहत समालखा क्षेत्र में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान पुलिस अधीक्षक पानीपत भूपेन्द्र सिंह के निर्देशन में तथा डीएसपी समालखा नरेन्द्र कादियान की देखरेख में संचालित किया जा रहा है। मंगलवार को इस मुहिम के तहत समालखा के दो व तीन नंबर वार्ड में जाकर डोर टू डोर अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
इस अभियान में एएसआई जगपाल ने बताया कि वर्तमान समय में देशभर में नशे की लत से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। नशा एक ऐसी गंभीर बुराई है जो न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगाड़ती है, बल्कि परिवार व समाज पर भी विनाशकारी प्रभाव डालती है। युवाओं की यह जिंदगियों को तहस-नहस कर देती है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
जागरूकता कार्यक्रम में विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं व बुजुर्गों को नशा करने से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व आर्थिक नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया गया। लोगों को समझाया गया कि नशा करने से उनके व्यक्तिगत जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ता है और किस प्रकार से यह सामाजिक समस्या बनकर उभरती जा रही है।
एएसआई जगपाल ने यह भी जानकारी दी कि यदि किसी परिवार में कोई भी सदस्य नशे की लत से पीड़ित है, तो उसका इलाज सरकारी अस्पताल पानीपत में डीएसपी समालखा की देखरेख में मुफ्त कराया जाता है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 1933 पर दी जा सकती है।
यह अभियान न केवल नशे से मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि इससे लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी का बोध भी जागृत हो रहा है। अभियान का उद्देश्य न केवल वर्तमान में व्यसनी लोगों को राहत देना है, बल्कि भविष्य में नशे के प्रति नकारात्मक सोच को भी समाज से खत्म करना है।