दीपेंद्र हुड्डा का सरकार पर हमला: बोले 11 लोगों की जान चली गई, ये एक नहर नहीं बना पाए
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दादूपुर नलवी नहर रद्द करने पर सवाल उठाए और किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
➤ दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा सरकार को बाढ़ प्रबंधन में नाकाम बताया
➤ दादूपुर नलवी नहर रद्द करने और नई ड्रेन न बनने पर साधा निशाना
➤ 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा व शहरों में राहत पैकेज देने की मांग
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। रोहतक से सांसद हुड्डा ने कहा कि इस समय हरियाणा के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ से हालत बिगड़ चुके हैं। यह स्थिति भाजपा सरकार की निष्क्रियता का परिणाम है, जिसने पिछले 10 वर्षों में कोई नई नहर या ड्रेन का निर्माण नहीं कराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐसी पॉलिसी बनाई थी जिसमें कहा गया कि किसान अगर जमीन देंगे तो वहां ड्रेन बनाई जाएगी। हुड्डा के मुताबिक, यह नीति सिर्फ किसानों को परेशान करने और उनकी कीमती जमीन का दोहन करने के लिए बनाई गई थी।
हुड्डा ने विशेष रूप से दादूपुर नलवी नहर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह नहर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मंजूर हुई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे रद्द कर दिया। इसका नतीजा यह है कि अंबाला और आसपास का पूरा क्षेत्र पानी में डूब गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला कई बार विधानसभा में उठाया गया, लेकिन सरकार अब तक कोई ठोस फैसला नहीं ले पाई है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को राहत देने के लिए विशेष गिरदावरी करवाई जाए और कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, शहरों में जिन लोगों के घरों में पानी घुसा है और उनका सामान खराब हुआ है, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए।
हुड्डा ने कहा कि सरकार केवल क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलकर जिम्मेदारी से बचना चाहती है। सरकार को तुरंत पंप सेट, पाइप और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए ताकि प्रभावित लोग राहत महसूस कर सकें। उन्होंने बताया कि अब तक बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जो बेहद दुखद है।