गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचना है तो जानें ये जरूरी बातें :शरीर में पानी की कमी पड़ सकती है भारी
गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। जानें इसके कारण, शुरुआती संकेत और बचाव के 10 जरूरी नियम, ताकि हीट स्ट्रोक और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।
■गर्मी में 5 कारणों से बढ़ता है डिहाइड्रेशन
■ये शुरुआती संकेत दिखें तो तुरंत संभलें
■पूरी गर्मियों में अपनाएं 10 जरूरी नियम
गर्मियों में बढ़ता तापमान और ज्यादा पसीना आने की वजह से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। शरीर में लगभग 60 से 70 प्रतिशत पानी होता है और जब यह संतुलन बिगड़ता है तो शरीर के कई जरूरी फंक्शन प्रभावित होने लगते हैं। पानी शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है, टॉक्सिन्स बाहर निकालता है, पाचन में मदद करता है, जोड़ों को काम करने में मदद करता है और शरीर के केमिकल बैलेंस को बनाए रखता है। ऐसे में पानी की कमी होने पर शरीर सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाता और गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी हो सकता है।
गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि तेज गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा पसीना आता है और इसके साथ जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं।डिहाइड्रेशन के मुख्य कारणों में ज्यादा गर्मी, ज्यादा पसीना, कम पानी पीना, धूप में ज्यादा समय रहना और शारीरिक मेहनत शामिल हैं। इसके अलावा बुखार, उल्टी, दस्त, डायबिटीज, किडनी की बीमारी या कुछ दवाइयों के कारण भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों में ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना, चक्कर आना, कमजोरी, कम पेशाब आना, गहरे रंग का यूरिन, सिर दर्द और थकान शामिल हैं। अगर लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी बनी रहे तो इससे किडनी स्टोन, किडनी डैमेज, लो ब्लड प्रेशर, तेज धड़कन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए गर्मियों में एक सामान्य व्यक्ति को रोजाना 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। केवल पानी ही नहीं बल्कि नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, ORS और पानी से भरपूर फल भी जरूरी हैं।
डिहाइड्रेशन से बचने के 10 जरूरी नियम
- दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें
- धूप में निकलते समय पानी जरूर पिएं
- ORS, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
- ज्यादा कैफीन और शराब से बचें
- तरबूज, खीरा, संतरा जैसे पानी वाले फल खाएं
- बहुत ज्यादा देर खाली पेट न रहें
- धूप में काम करते समय सिर ढककर रखें
- ज्यादा पसीना आने पर इलेक्ट्रोलाइट लें
- बच्चों और बुजुर्गों को समय-समय पर पानी दें
- चक्कर, कमजोरी या कम पेशाब हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
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