सड़कों पर बढ़ी सख्ती तो जंगल के रास्ते ऊंटों पर करने लगे शराब की तस्करी, 5 गिरफ्तार
ऊंटों का उपयोग कर अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ हुआ। एएटीएस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में देसी शराब व बीयर बरामद की। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई।
➤ दिल्ली में ऊंटों की मदद से अवैध शराब तस्करी का मामला सामने आया
➤ 5 आरोपी गिरफ्तार, 3 ऊंट, 1990 पव्वे देसी शराब और 24 बीयर की बोतलें बरामद
➤ आरोपियों के खिलाफ दिल्ली एक्साइज एक्ट व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई
दिल्ली में अवैध शराब तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें तस्कर अरावली पहाड़ियों के रास्ते ऊंटों का उपयोग करके शराब की तस्करी कर रहे थे। दक्षिणी दिल्ली की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए शुक्रवार, 13 सितंबर 2025 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विनोद भड़ाना, सुनील भड़ाना, राहुल, अजय और सौरभ शामिल हैं।
तस्करी का चालाक तरीका
पुलिस जांच के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे डेढ़ साल से इस अवैध गतिविधि में शामिल थे। उन्होंने अलवर से तीन ऊंट खरीदे थे। पहले ऊंट की कीमत 62,000 रुपये, दूसरे की 70,000 रुपये और तीसरे की 80,000 रुपये थी। आरोपियों का कहना है कि वे रात के अंधेरे में इन ऊंटों के ऊपर शराब की खेप रखकर अरावली के जंगलों से होते हुए दिल्ली में तस्करी करते थे। इस चालाकी का उद्देश्य पुलिस की निगरानी से बचना था, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंटों का चलना सामान्य माना जाता है और कोई संदेह नहीं होता।
पुलिस की सतर्कता और गिरफ्तारी
एएटीएस को सूचना मिली थी कि संगम विहार के रास्ते अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इसके बाद टीम ने अरावली पहाड़ियों व जंगलों के रास्तों पर गश्त तेज कर दी। पुलिस की सख्ती से बचने की कोशिश में आरोपी शराब की खेप के साथ जंगलों से दिल्ली की ओर आ रहे थे। गश्त के दौरान आरोपियों को दबोच लिया गया। उनके कब्जे से कुल 1,990 पव्वे देसी शराब और 24 बीयर की बोतलें बरामद की गईं। इसके साथ ही तीन ऊंट भी जब्त किए गए।
पुलिस ने जानकारी दी कि पिछले 15 दिनों में कुल 11,366 पव्वे शराब, 191 बीयर की बोतलें, तीन कारें, एक ऑटो और दो स्कूटी जब्त की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, तस्करी रूट पर रात के समय पिकेट लगाकर सख्त निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
कानूनी कार्रवाई और पशु संरक्षण
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली एक्साइज एक्ट की धारा 33/38 तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों ऊंटों को पशु कल्याण संस्था के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि तस्करी रैकेट की जांच अभी भी जारी है ताकि इसके अन्य कनेक्शन और सरगना तक पहुंचा जा सके।
यह मामला इस बात का प्रतीक है कि अवैध तस्करी रैकेट पुलिस की कड़ी निगरानी से बचने के लिए किस हद तक नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता ने इस रैकेट का पर्दाफाश कर दिया और इन अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।