IDFC बैंक घोटाले में एक्शन: 590 करोड़ की गड़बड़ी पर ACB की FIR, DSP करेंगे जांच

IDFC बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में 590 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में पंचकूला ACB ने FIR दर्ज की है। जांच DSP को सौंपी गई है और फॉरेंसिक ऑडिट शुरू हो गया है।

IDFC बैंक घोटाले में एक्शन: 590 करोड़ की गड़बड़ी पर ACB की FIR, DSP करेंगे जांच

IDFC बैंक घोटाले में 590 करोड़ की हेराफेरी पर FIR दर्ज
पंचकूला ACB ने सेक्टर-17 थाने में केस किया दर्ज
DSP शुक्रपाल को सौंपी गई जांच, दो बैंकों से जुटाए जा रहे रिकॉर्ड



हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े खातों में कथित 590 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में अब जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। विधानसभा में मामला उठने के बाद पंचकूला ACB ने सेक्टर-17 स्थित थाने में FIR दर्ज कर ली है। मामले की जांच DSP शुक्रपाल को सौंपी गई है, जो अब इस बड़े वित्तीय घोटाले की परतें खोलेंगे।

ACB थाने में दर्ज FIR नंबर 4 में IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच और AU Small Finance Bank सेक्टर-32, चंडीगढ़ के कर्मचारियों सहित अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। केस पीसी एक्ट की विभिन्न धाराओं 316, 318, 336, 338, 340 व 61 के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल जांच टीम दोनों बैंकों से रिकॉर्ड जुटाने में लगी है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गड़बड़ी का खुलासा खुद बैंक की ओर से किया गया। IDFC बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में करीब 590 करोड़ रुपये की अनधिकृत लेन-देन की जानकारी सामने आई। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हुए बताया कि उसके कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर गलत तरीके से ये ट्रांजेक्शन किए।

गड़बड़ी उजागर होते ही बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया और स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराने का निर्णय लिया। 20 फरवरी को ‘स्पेशल कमेटी फॉर मॉनिटरिंग फ्रॉड्स’ की बैठक बुलाई गई, जिसके बाद 21 फरवरी को ऑडिट कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में पूरे मामले की जानकारी साझा की गई।

बैंक ने उन खातों को ‘रिकॉल रिक्वेस्ट’ भेजी है, जिनमें संदिग्ध रकम ट्रांसफर हुई थी, और अन्य बैंकों से बैलेंस होल्ड करने का अनुरोध किया है, ताकि राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके। बैंक का कहना है कि नुकसान का सटीक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

वहीं, हरियाणा सरकार ने विधानसभा में दावा किया है कि 590 करोड़ रुपये रिकवर कर लिए गए हैं और सरकारी धन पूरी तरह सुरक्षित है। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बैंक ने यह भी संकेत दिया है कि इस फर्जीवाड़े में कुछ बाहरी लोग या इकाइयां शामिल हो सकती हैं। मामले की सूचना RBI को भी भेजी गई है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही गई है। अब सबकी नजर DSP की जांच पर टिकी है, जो तय करेगी कि इस बहुचर्चित बैंकिंग घोटाले में असल मास्टरमाइंड कौन है और किन स्तरों पर चूक हुई।