भिवानी पुलिस की चेतावनी: झूठी पोस्ट डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी

भिवानी में मनीषा प्रकरण के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना आधिकारिक पुष्टि के झूठी और भड़काऊ पोस्ट व वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ दो अभियोग दर्ज किए गए। पुलिस ने दोषियों को दबोचने और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

भिवानी पुलिस की चेतावनी: झूठी पोस्ट डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी

➤ भिवानी में मनीषा प्रकरण पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट फैलाने वाले दो अभियोग दर्ज
➤ झूठी पोस्ट और वीडियो के माध्यम से कानून व्यवस्था खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई
➤ पिस्तौल दिखाकर न्याय दिलाने का वीडियो वायरल करने पर जांच में पाया गया वह केवल लाइटर था

भिवानी जिले में मनीषा प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और भड़काऊ सूचनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए थाना सिविल लाइन भिवानी में फेसबुक पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में दो अलग-अलग अभियोग दर्ज किए गए हैं।

पहला अभियोग संख्या 199, दिनांक 06.09.2025, भारतीय दंड संहिता की धारा 196(1), 223(2), 356(2), 353(2) और आईटी एक्ट 2000 की धारा 67A तथा 72 के तहत दर्ज किया गया। दूसरा अभियोग संख्या 201, दिनांक 07.09.2025, इसी धारा के अंतर्गत दर्ज किया गया। इन अभियोगों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के झूठी और भड़काऊ पोस्ट डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

जिले की साइबर सेल भिवानी ने जांच के दौरान पाया कि कुछ व्यक्तियों ने मनीषा प्रकरण से जुड़े वीडियो बनाकर मृतक के परिवार और पिता की भूमिका पर टिप्पणी की थी। इन वीडियो में झूठी और भड़काऊ सामग्री शामिल थी, जो कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की क्षमता रखती थी।

साथ ही एक अन्य मामले में ढिगावा जाटान निवासी चार युवकों ने फेसबुक पर मनीषा को न्याय दिलाने के लिए पिस्तौल दिखाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। पुलिस ने वीडियो की जांच के बाद पाया कि वीडियो में दिखाई गई पिस्तौल वास्तविक नहीं थी और वह केवल एक लाईटर था। इस मामले में युवकों की नीयत भड़काऊ पोस्ट फैलाने की नहीं थी, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया पर अफवाहों के फैलने की संभावना को उजागर करती है।

पुलिस अधीक्षक भिवानी, श्री सुमित कुमार, ने आम नागरिकों और सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों से स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के कोई भी भड़काऊ या झूठी खबर सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर अफवाहों और झूठी खबरों के खतरों को एक बार फिर उजागर किया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मनीषा प्रकरण जैसे संवेदनशील मामलों में अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत पूरी कार्रवाई की जाएगी।

भिवानी पुलिस ने कहा कि आम जनता को ऐसे मामलों में अफवाहों और झूठी खबरों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की आवश्यकता है। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों को भी जिम्मेदारी के साथ सामग्री पोस्ट करने और जांच के बाद ही संवेदनशील जानकारी साझा करने की सलाह दी गई है।

इस प्रकार, मनीषा प्रकरण ने न केवल सोशल मीडिया पर अफवाहों के खतरे को सामने रखा है, बल्कि पुलिस की सजगता और कानूनी कार्रवाई की तत्परता को भी प्रदर्शित किया है।