AIIMS की रिपोर्ट बनी अहम सबूत, फ‍िर हत्या की ओर बढ़ा मनीषा का केस, जानें बड़ा खुलासा

भिवानी की 19 वर्षीय लेडी टीचर मनीषा की मौत के मामले में बड़ा मोड़। पिता का दावा—CBI ने बताया यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। AIIMS की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनी अहम सबूत। CBI ने आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा, पर जांच का रुख बदल गया है।

AIIMS की रिपोर्ट बनी अहम सबूत, फ‍िर हत्या की ओर बढ़ा मनीषा का केस, जानें बड़ा खुलासा

➤भिवानी की लेडी टीचर मनीषा केस में बड़ा ट्विस्ट
➤CBI जांच ने आत्महत्या नहीं, हत्या की दिशा में मोड़ा केस
➤AIIMS रिपोर्ट बनी जांच का अहम सबूत



हरियाणा के भिवानी जिले में 19 वर्षीय लेडी टीचर मनीषा की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जिस घटना को अब तक पुलिस आत्महत्या बताती रही, अब वही केस CBI जांच के बाद हत्या की दिशा में मुड़ता दिखाई दे रहा है। मनीषा के पिता संजय कुमार ने बड़ा दावा किया है कि CBI अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।

संजय कुमार ने कहा, “CBI के अधिकारियों ने हमें बताया कि मनीषा की मौत एक योजनाबद्ध हत्या है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि हत्या किसने की और मकसद क्या था। लेकिन AIIMS पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट इस दिशा में अहम सबूत के रूप में सामने आई है।”

इस खुलासे के बाद पूरा परिवार सदमे में है, क्योंकि 11 अगस्त को जब ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा लापता हुई थी, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि दो दिन बाद यानी 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों से बरामद होगा। तब से ही यह मामला आत्महत्या और हत्या के बीच झूल रहा था।

हरियाणा पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन परिवार ने उस वक्त से ही इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि मनीषा जैसी हंसमुख और पढ़ाई में तेज़ लड़की ऐसा कदम नहीं उठा सकती। परिजनों ने CBI जांच की मांग की थी, जिसके बाद केस CBI को सौंपा गया।

अब पिता का दावा सामने आने के बाद यह केस फिर सुर्खियों में है। हालांकि CBI ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एजेंसी जांच को लेकर पूरी गोपनीयता बरत रही है और मीडिया से दूरी बनाए हुए है।

सूत्रों के मुताबिक, AIIMS की रिपोर्ट में कुछ ऐसे बिंदु हैं जो मृत्यु के समय शरीर पर चोटों और दबाव के निशान को दर्शाते हैं। ये संकेत आत्महत्या की बजाय किसी बाहरी हस्तक्षेप की ओर इशारा करते हैं।

गांव में इस घटना को लेकर लोगों में फिर से हलचल है। कई स्थानीय संगठन और महिला अधिकार समूह अब CBI से सार्वजनिक बयान की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।