बड़ौली-रॉकी मित्तल रेप केस: आज कसौली कोर्ट में होगी अहम सुनवाई

हरियाणा BJP अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल पर दर्ज रेप केस में आज कसौली कोर्ट में सुनवाई होगी। पीड़िता क्लोजर रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराएगी।

बड़ौली-रॉकी मित्तल रेप केस: आज कसौली कोर्ट में होगी अहम सुनवाई


हरियाणा BJP अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और गायक रॉकी मित्तल पर रेप केस में आज कसौली कोर्ट में सुनवाई
➤ पीड़िता पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट (CR) के खिलाफ करेगी आपत्ति दर्ज
➤ कोर्ट तय करेगा कि पुलिस की रिपोर्ट स्वीकार होगी या आगे होगी कार्यवाही


हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल पर दर्ज कथित रेप केस में आज कसौली कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले में पीड़िता ने साफ कहा है कि वह पुलिस की दी गई क्लोजर रिपोर्ट (CR) को गलत मानती है और इसके खिलाफ अपनी आपत्ति (ऑब्जेक्शन) कोर्ट में दर्ज कराएगी।

वहीं, कसौली पुलिस आज केस से जुड़ी एफआईआर और पूरी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। इसके आधार पर अदालत यह निर्णय लेगी कि पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या फिर मामले में आगे की कार्यवाही जारी रहे। इस केस को लेकर हरियाणा की राजनीति, खासकर सोनीपत जिले की नजरें कसौली कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।

दरअसल, इस केस में पहले सोलन सेशन कोर्ट ने पीड़िता की रिवीजन पिटीशन को मंजूर करते हुए आदेश दिया था कि पीड़िता को कसौली कोर्ट में बयान दर्ज करने का मौका दिया जाए। इसी के चलते पिछली सुनवाई में पीड़िता कोर्ट में पेश हुई और अपने वकील के माध्यम से कहा कि पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट गलत है और इसमें कई तथ्य छुपाए गए हैं।

कसौली पुलिस ने पहले कहा था कि उन्हें बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। इसी आधार पर पुलिस ने केस बंद करने की अर्जी कोर्ट में लगाई थी। 12 मार्च को कसौली कोर्ट ने भी इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। लेकिन पीड़िता ने इस फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी।

मामले की शुरुआत 13 दिसंबर 2024 को हुई थी, जब पीड़िता ने कसौली थाने में IPC की धारा 376D (गैंगरेप) के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 23 जुलाई 2024 को जब वह अपनी सहेली और बॉस अमित बिंदल के साथ कसौली घूमने आई थी, तो होटल रोज कॉमन में बड़ौली और रॉकी मित्तल ने उसे शराब पिलाई और जबरन गैंगरेप किया। इतना ही नहीं, उसके बाद धमकियां दी गईं और पंचकुला में बुलाकर झूठे केस में फंसाने की कोशिश भी की।

हालांकि, पुलिस को इस केस में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। जांच के दौरान पीड़िता ने अपना मेडिकल भी करवाने से इनकार कर दिया था। वहीं, एफआईआर भी कई महीने बाद दर्ज हुई, जिससे पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज, शराब के गिलास या बेडशीट जैसे सबूत इकट्ठा करने का मौका नहीं मिला। होटल के कर्मचारियों से भी पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली। इन सब वजहों से पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी थी।

अब मामला एक बार फिर कसौली कोर्ट के सामने है और सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि अदालत पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करती है या फिर नए सिरे से केस की जांच का आदेश देती है।