अर्जुन चौटाला का बड़ा बयान: दुष्यंत-दिग्विजय को नहीं मानते भाई, जेजेपी को लोग भूल चुके
हरियाणा के इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस, भाजपा और जेजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मनोहर लाल खट्टर पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें जनता ने खारिज किया। दुष्यंत व दीग्विजय चौटाला को भाई नहीं मानने का ऐलान किया।
➤ इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस, भाजपा व जेजेपी पर तीखा हमला बोला
➤ भाजपा पर तंज, बोले मनोहर लाल खट्टर को जनता ने खारिज किया
➤ दुष्यंत-दीग्विजय चौटाला को नहीं मानते भाई, जोर देकर कहा कि फर्क नहीं पड़ता
हरियाणा के भिवानी में सिरसा के रानिया से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने कांग्रेस, भाजपा और जेजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और जेजेपी की गलत नीतियों और कमजोरी को उजागर करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता इनसे पूरी तरह नाखुश है।
अर्जुन चौटाला ने बताया कि वह दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला को कभी भाई नहीं मानेंगे और इससे उन्हें कोई फर्क भी नहीं पड़ता कि वे उन्हें भाई मानें या नहीं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब जेजेपी को भूलने लगी है। भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जनता की नाराजगी के चलते बदलना पड़ा और उन्हें हरियाणा छोड़ना पड़ा। नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि वे अच्छा काम करेंगे तो तारीफ की जाएगी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने प्रदेश की सामाजिक समस्याओं पर कहा कि प्रदेश में कोई भी वर्ग सरकार से संतुष्ट नहीं है। बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, किसानों और मजदूरों की समस्याएं चरम पर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता बदलाव चाहती है और इसके लिए संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
अर्जुन चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल की तुलना भाजपा के शासनकाल से करते हुए कहा कि जनता के लिए विपक्ष की भूमिका कमजोर हो गई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में युवा आज बेरोजगारी के चलते परेशान हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में है।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की रानिया सीट को लेकर दी गई टिप्पणी पर कहा कि यह छह महीने पुरानी बात है और उन्होंने स्पष्ट रूप से चुनौती दी कि यदि इसमें सचाई है तो सामने आएं। उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनों दल मिलकर काम कर रहे हैं और इनेलो को भाजपा की बी टीम बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
आगे बढ़ते हुए उन्होंने इनेलो संगठन को मजबूत करने की बात कही और भरोसा जताया कि आने वाले समय में संगठन नई ऊंचाइयों को छूएगा। उन्होंने दुष्यंत व दीग्विजय चौटाला से बातचीत समाप्त कर दी है और उन्हें कभी भाई नहीं मानते।