राजकीय सम्मान के साथ अजित पवार का अंतिम संस्कार, बेटों ने दी मुखाग्नि

बारामती में अजित पवार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया, बेटों ने मुखाग्नि दी। अमित शाह और शरद पवार मौजूद रहे।

राजकीय सम्मान के साथ अजित पवार का अंतिम संस्कार, बेटों ने दी मुखाग्नि
  • अजित पवार का बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
  • पत्नी सुनेत्रा ने गंगाजल अर्पित किया, बेटों पार्थ-जय ने दी मुखाग्नि
  • अमित शाह, शरद पवार समेत हजारों समर्थक अंतिम विदाई में शामिल


बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

अजित पवार को बेटे पार्थ और जय ने मुखाग्नि दी।

उनके दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान गन सैल्यूट देकर उन्हें अंतिम सम्मान दिया गया।

अजीत पवार के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया।

अंतिम संस्कार से पहले पत्नी सुनेत्रा पवार ने पार्थिव शरीर पर गंगाजल अर्पित कर भावुक विदाई दी। मौके पर शरद पवार, सुप्रिया सुले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

अजित पवार का पार्थिव शरीर विद्या प्रतिष्ठान मैदान ले जाया जा रहा है। हजारों की भीड़ साथ चल रही हैं।

अजित पवार के अंतिम दर्शन के लिए महाराष्ट्र ही नहीं, अन्य राज्यों से भी हजारों समर्थक बारामती पहुंचे। देर रात से ही लोगों का आगमन शुरू हो गया था। सुबह होते-होते कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।

अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए विद्या प्रतिष्ठान मैदान में हजारों की संख्या में समर्थक पहुंचे।

समर्थक बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और बसों से पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान करीब दो किलोमीटर तक लोगों का सैलाब दिखाई दिया। पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल रहा।

अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। हादसे में 66 वर्षीय अजित पवार, उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।

पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए कई रैलियों को संबोधित करने वाले थे। उनके निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।