अग्निवीर भर्ती के नए नियम, अग्निवीर स्थायी होने तक नहीं कर सकेंगे शादी

भारतीय सेना ने अग्निवीरों के लिए नया नियम जारी किया है। स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया पूरी होने तक अग्निवीर शादी नहीं कर सकेंगे, नियम तोड़ने पर स्थायी सेवा से अयोग्यता होगी।

अग्निवीर भर्ती के नए नियम, अग्निवीर स्थायी होने तक नहीं कर सकेंगे शादी

➤अग्निवीरों के लिए शादी पर सख्त नियम लागू
➤स्थायी सेवा से पहले विवाह करने पर अयोग्यता
➤सेना में परमानेंट बनने की प्रक्रिया और कड़ी



नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती योजना से जुड़े नियमों में बड़ा और स्पष्ट प्रावधान किया है। सेना ने तय किया है कि जो अग्निवीर स्थायी सैनिक बनना चाहते हैं, वे परमानेंट नियुक्ति मिलने तक विवाह नहीं कर सकेंगे। यह नियम उन अग्निवीरों पर लागू होगा, जो चार साल की सेवा के बाद सेना में स्थायी रूप से शामिल होने की इच्छा रखते हैं।

सेना के नियमों के अनुसार, यदि कोई अग्निवीर स्थायीकरण की प्रक्रिया के दौरान या उससे पहले शादी करता है, तो उसे स्थायी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे अग्निवीर न तो स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे और न ही चयन प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे।

भारतीय सेना का मानना है कि अग्निवीरों के शुरुआती चार वर्ष प्रशिक्षण, अनुशासन और पूर्ण समर्पण की मांग करते हैं। इस दौरान व्यक्तिगत जिम्मेदारियों से दूर रहकर सैनिक को पूरी तरह सैन्य दक्षता और मानसिक मजबूती पर ध्यान देना होता है। इसी उद्देश्य से शादी को स्थायी नियुक्ति से जोड़ा गया है

सेना सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय यूनिट की ऑपरेशनल तैयारी, अनुशासन और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सेना का स्पष्ट संदेश है कि जो अग्निवीर स्थायी सेवा का सपना देखते हैं, उन्हें नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा

अग्निवीरों के लिए शादी पर सख्त नियम लागू
स्थायी सेवा से पहले विवाह करने पर अयोग्यता
सेना में परमानेंट बनने की प्रक्रिया और कड़ी

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नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती योजना से जुड़े नियमों में बड़ा और स्पष्ट प्रावधान किया है। सेना ने तय किया है कि जो अग्निवीर स्थायी सैनिक बनना चाहते हैं, वे परमानेंट नियुक्ति मिलने तक विवाह नहीं कर सकेंगे। यह नियम उन अग्निवीरों पर लागू होगा, जो चार साल की सेवा के बाद सेना में स्थायी रूप से शामिल होने की इच्छा रखते हैं।

सेना के नियमों के अनुसार, यदि कोई अग्निवीर स्थायीकरण की प्रक्रिया के दौरान या उससे पहले शादी करता है, तो उसे स्थायी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे अग्निवीर न तो स्थायी सैनिक बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे और न ही चयन प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे।

भारतीय सेना का मानना है कि अग्निवीरों के शुरुआती चार वर्ष प्रशिक्षण, अनुशासन और पूर्ण समर्पण की मांग करते हैं। इस दौरान व्यक्तिगत जिम्मेदारियों से दूर रहकर सैनिक को पूरी तरह सैन्य दक्षता और मानसिक मजबूती पर ध्यान देना होता है। इसी उद्देश्य से शादी को स्थायी नियुक्ति से जोड़ा गया है

सेना सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय यूनिट की ऑपरेशनल तैयारी, अनुशासन और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सेना का स्पष्ट संदेश है कि जो अग्निवीर स्थायी सेवा का सपना देखते हैं, उन्हें नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा