"न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगा" हरियाणा के नए डीजीपी ने शायराना अंदाज में दी सख्त चेतावनी
हरियाणा के नए डीजीपी ओपी सिंह ने एसपी, डीसीपी और सीपी को दूसरा सख्त पत्र लिखकर दफ्तर से निकलकर आमजन से मिलने और वसूली/उत्पीड़न रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं का मूल कारण भ्रष्टाचार है और कानून सबके लिए समान है। पत्र में राहत इंदौरी का शेर लिखकर पुलिस की कार्यशैली बदलने का आह्वान किया गया है।
➤ एसपी, डीसीपी, सीपी को सख्त निर्देश
➤ पुलिस दफ्तरों से निकलकर लोगों से मिलें
➤ वसूली/उत्पीड़न करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने पदभार संभालने के बाद आज एक और कड़ा कदम उठाते हुए राज्य के जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP), उपायुक्तों (DCP) और पुलिस आयुक्तों (CP) को दूसरा महत्वपूर्ण और सख्त पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने अधिकारियों को दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे आम जनता के बीच पहुँचने का स्पष्ट निर्देश दिया है, ताकि पुलिस की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव आ सके।
डीजीपी ओपी सिंह ने पत्र में पुलिस अधिकारियों को उनकी मूल जिम्मेदारी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह ध्यान देना होगा कि आम लोगों को पुलिस तंग न करे। इसके विपरीत, यदि ठग, चोर, मुंहजोर और बदमाश उनके पीछे पड़ जाएं तो पुलिस अधिकारी उनका पीछा भी छुड़वाएं। उन्होंने साफ़ कहा कि अपराध के बारे में यह समझ है कि न केवल गरीब और कमजोर लोग सताए जाते हैं, बल्कि अब ऐसे लोग भी थानों तक न आने और बड़े काम को टालकर मुंहजोर और बदमाश के पीछे पड़ जाने से पीछा छुड़वा रहे हैं।
डीजीपी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वेरीफिकेशन में सहयोग, दस्तखत, चौकी-थाने से वसूली करने वाले और चाय-पानी, अखबार-मैगजीन की मांग करने वाले पुलिसकर्मियों को सुनकर शर्म महसूस होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार-कुचाल पुलिसकर्मी सामने मिलें तो उन्हें सख्त सजा दी जाए।
डीजीपी ओपी सिंह ने युवाओं और बच्चों के संबंध में भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि आज के Gen Y, Gen Z, Gen Alpha के प्रति सही व्यवहार रखा जाए, जो अपने आप भाई-बच्चों से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों, बहनों और माताओं की रक्षा करना और उनको सही सम्मान देना उनका कर्तव्य है। उनकी सुरक्षा की आवश्यकता है, इसलिए पुलिस स्कूल-कॉलेज, दफ्तर-बाजार में दिखाई दे, ताकि महिलाओं को सुरक्षा का अवसर मिल सके।
पत्र के अंत में, डीजीपी ओपी सिंह ने महान शायर राहत इंदौरी का एक शेर भी लिखा, जिसने उनके संदेश को और गहरा बना दिया: "न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगा"
ओपी सिंह ने अधिकारियों से कहा कि सरकार के पास पुलिस के अलावा कोई और तंत्र नहीं है और पुलिस ने लोगों के जीवन को सुगम बनाने और उन्हें सुरक्षित रखने का बीड़ा उठाया है, जिसे उन्हें हर हाल में पूरा करना है। उन्होंने अधिकारियों से दफ्तरों से निकलने और गाड़ियों से उतरने का आग्रह किया ताकि वे आमजन की समस्याओं को करीब से समझ सकें।
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