हरियाणा में 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को मिलेगी जॉब सिक्योरिटी!जॉब सिक्योरिटी पोर्टल शुरू
हरियाणा में 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की प्रक्रिया तेज हुई। पोर्टल का ट्रायल शुरू, सीएम नायब सैनी अगले हफ्ते लॉन्च कर सकते हैं।
- हरियाणा में 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को मिलेगी जॉब सिक्योरिटी
- ऑनलाइन आवेदन पोर्टल का ट्रायल शुरू, अगला हफ्ता लॉन्च संभावित
- पिछले एक साल से लंबित प्रक्रिया अब तेज, कर्मचारियों में उम्मीद बढ़ी
हरियाणा में कार्यरत लगभग 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित सर्विस सिक्योरिटी प्रक्रिया को अब सरकार जल्द लागू करने जा रही है। इसके लिए तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल अब ट्रायल मोड में पहुंच चुका है। अनुमान है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी अगले सप्ताह इस पोर्टल का औपचारिक रूप से शुभारंभ करेंगे।
ट्रायल पूरा होने के बाद यह पोर्टल राज्य के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों के लिए सक्रिय कर दिया जाएगा। संबंधित कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मानव संसाधन विभाग ने इस पोर्टल का निर्माण किया है और मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्वयं इस परियोजना की समीक्षा बैठक लेकर इसे तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रायल की जरूरत क्यों पड़ी
हरियाणा सरकार ने 1 नवंबर को ई-रजिस्ट्री प्रणाली लॉन्च की थी, लेकिन शुरुआत में तकनीकी दिक्कतों के चलते सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसलिए जॉब सिक्योरिटी पोर्टल को लेकर सरकार इस बार पूरी सावधानी बरत रही है। सीएमओ अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह ट्रायल चरण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि लॉन्च के बाद किसी तरह की तकनीकी समस्या न आए।
कर्मचारियों की नाराजगी का असर
कर्मचारी लंबे समय से जॉब सिक्योरिटी की मांग कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद सरकार द्वारा इस घोषणा को लागू करने में लंबा समय लगने के चलते कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई थी। अब सरकार इस निर्णय को बिना किसी देरी और चूक के लागू करना चाहती है।
जॉब सिक्योरिटी की कहानी — कैसे शुरू हुई यह प्रक्रिया
2024 के लोकसभा चुनाव में BJP को आधी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। समीक्षा में सामने आया कि अस्थायी कर्मचारी नाराज चल रहे थे। इसके बाद तत्कालीन सीएम नायब सिंह सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की घोषणा की।
सरकार ने तत्काल कैबिनेट से अध्यादेश मंजूर कर 15 अगस्त 2024 को अधिसूचित भी कर दिया, मगर कुछ विभागों को छोड़कर अधिकांश अधिकारियों ने इसे लागू नहीं किया।
अक्टूबर 2024 में सरकार दोबारा बनने के बाद भी अफसरों ने नियम लागू नहीं किए, जिसके बाद सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित कर अध्यादेश को कानून का रूप दे दिया। फिर भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
लगातार देरी के बाद सरकार ने एक साल के भीतर सर्विस सिक्योरिटी अधिनियम के नियम नोटिफाई किए और आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 और HKRN से जुड़े कर्मचारियों के बीच स्पष्टता लाई।
अब इसी कानून की जमीन पर सर्विस सिक्योरिटी पोर्टल तैयार किया गया है, जो कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
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