हरियाणवी रैपर ढांडा न्योलीवाला ने बदले विवादित बोल, बोले- शब्द बदले हैं, अर्थ वही
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➤ ‘फेक बाबे बहुत कूटता’ वाली लाइन हटाई, बाकी बोल जस के तस
➤ इंस्टाग्राम स्टोरी में बोले- गुस्सा वही है, बस भाषा बदली
➤ बागेश्वर धाम सरकार से जुड़ी पंक्ति पर विवाद बरकरार
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हरियाणवी रैपर प्रवीण ढांडा उर्फ ढांडा न्योलीवाला ने अपनी नई एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच गाने के कुछ लिरिक्स बदल दिए हैं। विवाद बढ़ने के बाद रैपर ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए यह जानकारी साझा की और बदले हुए बोल भी सुनाए।
न्योलीवाला ने पहली स्टोरी में लिखा- अब ठीक है। इसके साथ 22 सेकेंड का वीडियो साझा किया, जिसमें नए लिरिक्स थे। इसके बाद दूसरी स्टोरी में उन्होंने साफ किया कि शब्द बदले हैं, लेकिन अर्थ वही है। उन्होंने लिखा कि पहले वाला ठेठ गांव वाले का गुस्सा था और अब शहर वाले की भाषा में वही गुस्सा रखा गया है।
हालांकि, विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। गाने में ‘फेक बाबे बहुत कूटता’ वाली लाइन तो हटा दी गई है, लेकिन बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जोड़कर देखी जा रही पंक्ति ‘बना बना पर्ची ये लावै साले अर्जी’ अब भी मौजूद है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर बहस जारी है।
नए लिरिक्स के साथ गाना अभी आधिकारिक तौर पर दोबारा रिलीज नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि रैपर पहले बदले हुए शब्दों पर लोगों की प्रतिक्रिया देखना चाहते हैं। न्योलीवाला ने यह भी बताया कि फाइल सब्मिट कर दी गई है और 24 से 48 घंटे में गाने का नया वर्जन सामने आ सकता है।
फोटो और शब्दों को लेकर फिर उठा विवाद
आरोप है कि एल्बम में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर की तस्वीर का इस्तेमाल अब भी किया गया है और आपत्तिजनक शब्द पूरी तरह नहीं हटाए गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि भगवाधारी बाबाओं को लेकर की गई टिप्पणी में बदलाव हुआ है, लेकिन संबंधित फोटो और शब्द जस के तस रखे गए हैं। इसी कारण सोशल मीडिया पर विवाद दोबारा तेज हो गया है।
साध्वी देवा ठाकुर का बयान
इस मामले में करनाल की साध्वी देवा ठाकुर भी सामने आई हैं। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि सनातन पर हमला करने के गंदे परिणाम आएंगे। उन्होंने ढांडा न्योलीवाला पर आरोप लगाया कि वह ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए हरियाणा में गन कल्चर, शराब और अश्लील भाषा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने रैपर को हरियाणा में खुलेआम शो करने की चुनौती भी दी।
कब शुरू हुआ विवाद
मूल रूप से हिसार के न्योलीवाला गांव के रहने वाले प्रवीण ढांडा की एल्बम ‘वोमिट ऑन पेपर’ 8 दिसंबर को रिलीज हुई थी। इसमें धार्मिक प्रतीकों और बाबाओं को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई गई। 15 दिसंबर को न्योलीवाला ने लाइव आकर कहा था कि विवाद खत्म करने के लिए वह आपत्तिजनक लाइनों में बदलाव करेंगे, हालांकि धार्मिक पाखंडवाद के खिलाफ अपनी सोच पर कायम रहेंगे।
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