हरियाणा विधानसभा स्पेशल सत्र का कांग्रेस ने किया बहिष्कार

हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार किया। हुड्डा ने सरकार पर राजनीतिक मुद्दा लाने का आरोप लगाया, जबकि सीएम सैनी ने इसे गैर जिम्मेदाराना बताया।

हरियाणा विधानसभा स्पेशल सत्र का कांग्रेस ने किया बहिष्कार

हरियाणा विधानसभा के स्पेशल सत्र का कांग्रेस ने किया बहिष्कार
हुड्डा बोले- सरकार राजनीतिक मुद्दा लेकर आई
5 में से 3 बागी विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल हुए

हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव के लिए बुलाए गए इस सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया है।

सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कांग्रेस आज सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगी।

सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुड्डा ने कहा कि सरकार राजनीतिक विषय को विधानसभा में लेकर आई है। यह मुद्दा सदन से संबंधित नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस इस प्रस्ताव के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।

वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया महिलाओं के प्रति गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाओं को अधिकार मिले और उन्हें सदन में चर्चा करनी चाहिए थी।

विशेष सत्र से पहले कांग्रेस के 5 सस्पेंड विधायक पार्टी बैठक में शामिल नहीं हुए। इनमें शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं। हालांकि इनमें से जरनैल सिंह, रेनू बाला और शैली चौधरी सदन की कार्यवाही में शामिल हो गए।

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि किसी भी देश का विकास तब संभव है, जब महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिले। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।

विधानसभा के इस विशेष सत्र में हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 भी पेश किया जाएगा। इस बिल में ग्रुप-डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए नियम तय किए जाएंगे। इसके तहत क्लर्क पद पर प्रमोशन का कोटा 20% से बढ़ाकर 30% करने का प्रस्ताव है।

साथ ही 5% एक्स-ग्रेशिया पद रखने का भी प्रावधान किया गया है। जिन कर्मचारियों ने 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, वे प्रमोशन के पात्र होंगे।

पिछले छह वर्षों में यह चौथा मौका है, जब हरियाणा सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इससे पहले 2024 में विश्वास मत, 2022 में चंडीगढ़ मुद्दा और 2020 में संविधान संशोधन बिल के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया था।