चुनावी नहीं, रणनीतिक बजट: डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर; महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों पर फोकस

बजट 2026 में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है। टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर बड़े ऐलान किए गए हैं।

चुनावी नहीं, रणनीतिक बजट: डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर; महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों पर फोकस

➤ बजट 2026 में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों पर फोकस
➤ टैक्स स्लैब जस का तस, लेकिन डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव
➤ चुनावी नहीं, रणनीतिक और सेक्टर आधारित बजट


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में बजट 2026 पेश किया। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट है, जबकि वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण का यह नौवां बजट रहा। सरकार ने इस बजट को चुनावी लोकलुभावन घोषणाओं से दूर रखते हुए महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों जैसे समाज के तीन अहम स्तंभों के सशक्तिकरण पर केंद्रित रखा है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे को भविष्य की जरूरतों से जोड़ने की साफ रणनीति दिखाई देती है।

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास को बनाए रखते हुए उसके लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। इसी सोच के तहत महिलाओं की आत्मनिर्भरता, युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट तथा बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। हालांकि आम करदाता को टैक्स स्लैब में कोई सीधी राहत नहीं मिली, लेकिन कई सेक्टरों में किए गए फैसलों का असर आने वाले वर्षों में दिखने की उम्मीद है।

महिला सशक्तिकरण को बजट 2026 का अहम स्तंभ बनाया गया है। महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने SHE-Mart यानी सी-मार्ट स्थापित करने का ऐलान किया है, जिस पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह प्लेटफॉर्म महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा। इसके साथ ही स्टार्टअप और MSME सेक्टर में काम कर रही महिलाओं के लिए लोन प्रक्रिया को आसान बनाने का भरोसा दिया गया है।

कामकाजी महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहरों में वर्किंग वुमन हॉस्टल और क्रेच सुविधाओं के विस्तार का फैसला लिया गया है। वहीं छात्राओं के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है, ताकि शिक्षा के दौरान उन्हें सुरक्षित माहौल मिल सके। ग्रामीण महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिससे गांवों में महिलाओं की स्थायी आय सुनिश्चित की जा सके।

युवाओं के लिए बजट 2026 को रोजगार और तकनीक से जोड़ने वाला बताया गया है। सरकार ने शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस बढ़ाते हुए 15 हजार माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाने का ऐलान किया है। इससे एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा AI, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और ड्रोन टेक्नोलॉजी में विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ा दांव खेला है। बजट में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है, जो देश के प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे। इसके साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

रक्षा क्षेत्र में सरकार ने बड़ा इशारा दिया है। डिफेंस बजट को बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15.2% ज्यादा है। हथियारों की खरीद और आधुनिकीकरण पर 22% ज्यादा खर्च किया जाएगा, जिससे सेना की ताकत बढ़ेगी और घरेलू रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर बजट 2026 को चुनावी फायदे से ज्यादा दीर्घकालिक रणनीति वाला बजट माना जा रहा है। इसमें आम आदमी को सीधी राहत कम दिखती है, लेकिन सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में स्पष्ट रोडमैप पेश किया है।

बजट की 8 सबसे बड़ी घोषणाएं


i. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई।
ii. कैंसर की 17 दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों पर आयात शुल्क हटाया गया।
iii. डिफेंस बजट में 15.2% की बढ़ोतरी, आधुनिकीकरण पर 22% ज्यादा खर्च।
iv. 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा।
v. 3 आयुर्वेदिक AIIMS और 5 मेडिकल टूरिज्म हब बनाए जाएंगे।
vi. टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च होंगे।
vii. 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनेंगी।
viii. देश के करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे।

सेक्टर वाइज बजट की तस्वीर

इनकम टैक्स
सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। रिटर्न फाइलिंग के फॉर्म को सरल बनाया गया है ताकि आम लोग आसानी से भर सकें।

स्वास्थ्य
कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की महंगी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटने से इलाज सस्ता होने की उम्मीद है। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 रीजनल हब बनाए जाएंगे।

आयुर्वेद
भारत को ग्लोबल बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी है। 3 आयुर्वेदिक एम्स, नेशनल टेस्टिंग लैब्स और अगले 5 साल में एक लाख हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार करने की योजना है।

रेल और कनेक्टिविटी
मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे। जलमार्गों और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर भी जोर है।

महिलाएं और शिक्षा
लखपति दीदी मॉडल के तहत SHE-मार्ट बनाए जाएंगे। STEM एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

घाटा, कर्ज और सरकार का गणित


सरकार ने राजकोषीय घाटा GDP के 4.3% तक लाने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल 4.4% था। 2030-31 तक कुल सरकारी कर्ज को GDP के करीब 50% पर लाने की योजना है। 2026-27 में सरकार ₹11.7 लाख करोड़ का कर्ज बाजार से लेगी।

कुल मिलाकर यह बजट चुनावी नहीं, बल्कि रणनीतिक और सेक्टर आधारित नजर आता है, जिसमें आम आदमी को सीधी राहत कम और भविष्य की तैयारी ज्यादा दिखाई देती है।

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