1 मैसेज भेजने के 14 पैसे लेगा WhatsApp, 1 अक्टूबर से होगा लागू, जानें आम यूजर्स पर क्या असर?
WhatsApp Business की प्राइसिंग 1 अक्टूबर 2026 से बदलेगी। यूटिलिटी मैसेज पर चार्ज लगेगा, जबकि हर बिजनेस नंबर पर 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त रहेंगे।
➤ 1 अक्टूबर से 24 घंटे की विंडो में यूटिलिटी मैसेज भी होंगे चार्जेबल
➤ हर बिजनेस नंबर पर 1,000 सर्विस रिप्लाइज हर महीने मुफ्त
➤ भारत में यूटिलिटी मैसेज का रेट GST से पहले 0.115 रुपये
अगर आप किसी बिजनेस से WhatsApp पर ऑर्डर, डिलीवरी या प्रोडक्ट से जुड़ी जानकारी लेते हैं, तो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला नया बदलाव आपके लिए जानना जरूरी है। मेटा अपने WhatsApp Business Platform की प्राइसिंग पॉलिसी में बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत अब 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो के भीतर भेजे जाने वाले कुछ यूटिलिटी मैसेज, जैसे ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट, भी बिजनेसेज के लिए चार्जेबल होंगे। हालांकि आम WhatsApp यूजर्स पर इसका सीधा आर्थिक असर नहीं पड़ेगा। कस्टमर को बिजनेस को मैसेज भेजने या बिजनेस से रिप्लाई, ऑर्डर अपडेट अथवा डिलीवरी नोटिफिकेशन प्राप्त करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
फिलहाल WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करने वाले बिजनेसेज को किसी कस्टमर का मैसेज मिलने के बाद 24 घंटे के भीतर जवाब देने की सुविधा मुफ्त मिलती है। इस अवधि में कस्टमर के सवालों का जवाब देने के अलावा ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट जैसे यूटिलिटी मैसेज भी भेजे जा सकते हैं।
लेकिन 1 अक्टूबर 2026 से इसमें बदलाव होगा। मेटा 24 घंटे की इस विंडो के अंदर भेजे जाने वाले ऑर्डर अपडेट और दूसरे यूटिलिटी मैसेज के लिए भी बिजनेसेज से चार्ज लेना शुरू करेगा। हालांकि कस्टमर के सवालों का जवाब देने वाले सर्विस मैसेज पूरी तरह खत्म नहीं होंगे। हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने पहले 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त रहेंगे। 1,000 मैसेज की सीमा पूरी होने के बाद अतिरिक्त सर्विस मैसेज के लिए बिजनेसेज को भुगतान करना होगा।
वहीं, 24 घंटे की विंडो खत्म होने के बाद भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेज पर पहले से ही चार्ज लगता है। इसलिए इस हिस्से में 1 अक्टूबर से कोई नया बदलाव नहीं होगा।
कितनी होगी WhatsApp Business की कीमत?
भारत में मेटा ने यूटिलिटी मैसेज के लिए GST से पहले 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज का स्टैंडर्ड रेट तय किया है। इसमें ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट जैसे मैसेज शामिल हैं। 18 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद एक मैसेज की कीमत करीब 0.136 रुपये हो जाती है।
यानी 30 सितंबर तक अगर कोई बिजनेस कस्टमर के मैसेज करने के 24 घंटे के अंदर यूटिलिटी मैसेज भेजता है, तो उस पर मेटा का मैसेजिंग चार्ज नहीं लगता। लेकिन 1 अक्टूबर से इसी तरह के यूटिलिटी मैसेज के लिए GST से पहले 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज देना होगा।
1,000 ऑर्डर अपडेट का कितना खर्च होगा?
इसे एक उदाहरण से समझें। अगर कोई बिजनेस एक महीने में 1,000 ऑर्डर अपडेट भेजता है, तो उसे GST से पहले 115 रुपये का भुगतान करना होगा। 18 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद यह रकम करीब 135.70 रुपये हो जाएगी।
हालांकि WhatsApp Business Platform पर हर तरह के मैसेज का चार्ज एक जैसा नहीं है। मैसेज की कीमत उसके प्रकार के आधार पर तय होती है। भारत में मार्केटिंग मैसेज, जैसे प्रमोशनल ऑफर और सेल अनाउंसमेंट के लिए दर 0.8631 रुपये प्रति मैसेज है। वहीं ऑथेंटिकेशन मैसेज, जैसे OTP यानी वन-टाइम पासवर्ड के लिए GST से पहले 0.115 रुपये प्रति मैसेज की दर है।
हर महीने 1,000 सर्विस रिप्लाइज फ्री
1 अक्टूबर 2026 से मेटा हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने पहले 1,000 सर्विस रिप्लाइज मुफ्त देगा। इसके बाद भेजे जाने वाले अतिरिक्त सर्विस मैसेज पर संबंधित मार्केट में लागू यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज की दर के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर भारत में कोई बिजनेस एक महीने में 1,500 सर्विस रिप्लाइज भेजता है, तो पहले 1,000 मैसेज मुफ्त होंगे। बाकी 500 मैसेज के लिए भुगतान करना होगा।
0.115 रुपये प्रति मैसेज की दर से 500 मैसेज का खर्च GST से पहले 57.50 रुपये होगा। 18 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद यह रकम करीब 67.85 रुपये हो जाएगी।
क्या-क्या अभी भी फ्री रहेगा?
नई प्राइसिंग के बावजूद WhatsApp Business Platform पर हर मैसेज के लिए बिजनेसेज को भुगतान नहीं करना होगा। सबसे पहले, हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त रहेंगे।
इसके अलावा कस्टमर पहले की तरह बिजनेस को WhatsApp पर मैसेज भेज सकते हैं। कस्टमर को बिजनेस को मैसेज भेजने या बिजनेस से मैसेज रिसीव करने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।
इसका मतलब है कि नए चार्ज का मुख्य असर बिजनेसेज के मैसेजिंग खर्च पर पड़ेगा। आम कस्टमर को WhatsApp पर बिजनेस से बातचीत करने के लिए अलग से भुगतान नहीं करना होगा।
Click-to-WhatsApp से आने वाले मैसेज पर 72 घंटे की फ्री विंडो
मेटा एक और मौजूदा सुविधा को जारी रखेगा। अगर किसी बिजनेस को Click-to-WhatsApp विज्ञापनों या Facebook Page पर मौजूद Click-to-Action Buttons के जरिए कस्टमर का मैसेज मिलता है, तो उसके लिए मौजूदा 72 घंटे की फ्री विंडो जारी रहेगी।
इस तीन दिन की अवधि के दौरान बिजनेस कस्टमर को WhatsApp पर बिना मेटा के मैसेजिंग चार्ज दिए मैसेज भेज सकता है। मेटा की यह फ्री विंडो बिजनेसेज को अपने एडवरटाइजिंग टूल्स के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके जरिए बिजनेस संभावित कस्टमर्स तक पहुंच सकते हैं और उन्हें WhatsApp पर बातचीत के लिए ला सकते हैं।
आम WhatsApp यूजर्स पर क्या असर होगा?
इस बदलाव का आम WhatsApp यूजर्स पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। कस्टमर को बिजनेस को WhatsApp पर मैसेज भेजने के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसी तरह बिजनेस से रिप्लाई, ऑर्डर अपडेट या डिलीवरी नोटिफिकेशन पाने के लिए भी कस्टमर से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
बदलाव मुख्य रूप से WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करने वाले बिजनेसेज की लागत से जुड़ा है। यानी नई व्यवस्था में मैसेजिंग का अतिरिक्त खर्च बिजनेस को उठाना होगा।
कुल मिलाकर क्या बदलेगा?
1 अक्टूबर 2026 से WhatsApp Business Platform की प्राइसिंग में सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो के अंदर भेजे जाने वाले कुछ यूटिलिटी मैसेज भी चार्जेबल हो जाएंगे। भारत में ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट जैसे यूटिलिटी मैसेज के लिए GST से पहले 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज देना होगा।
वहीं हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने पहले 1,000 सर्विस रिप्लाइज मुफ्त रहेंगे। इसके अलावा Click-to-WhatsApp विज्ञापनों या Facebook Page के Click-to-Action Buttons से आने वाले मैसेज पर 72 घंटे की फ्री विंडो जारी रहेगी। आम WhatsApp यूजर्स से इन सेवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Akhil Mahajan