3 बच्चों की मां.. इंस्टाग्राम love और कोर्ट मैरिज, पति ने खुद करवाई पत्नी की शादी; चर्चा में अनोखी प्रेम कहानी

बिहार के वैशाली में महिला ने पति और तीन बच्चों को छोड़ फुफेरे भाई से कोर्ट मैरिज की। पहले पति ने तलाक देकर खुद गवाह बना, मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में।

• वैशाली में महिला ने पति और तीन बच्चों को छोड़ फुफेरे भाई से की कोर्ट मैरिज
• पहले पति ने दिया तलाक, खुद बना शादी का गवाह
• सोशल मीडिया पर मामला चर्चा में, रिश्तों और सामाजिक मूल्यों पर बहस



बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों की पारंपरिक मर्यादाओं और सामाजिक सोच को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला ने अपने पति और तीन बच्चों को छोड़कर अपने ही फुफेरे भाई से कोर्ट मैरिज कर ली। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि महिला के पहले पति ने न सिर्फ इस रिश्ते को स्वीकार किया, बल्कि कोर्ट में गवाह बनकर शादी को वैध रूप भी दिलाया

मामला वैशाली जिले के जंदाहा क्षेत्र का है। यहां की रहने वाली रानी कुमारी की शादी करीब 11 साल पहले कुंदन कुमार से हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हैं और परिवार सामान्य रूप से चल रहा था। लेकिन करीब पांच साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए रानी की मुलाकात गोबिंद कुमार से हुई, जो रिश्ते में उनके फुफेरे भाई लगते हैं। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदली और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया।

बताया जाता है कि इस दौरान रानी और गोबिंद ने परिवार से छिपकर मिलना-जुलना जारी रखा। जब यह रिश्ता सामने आया तो दोनों परिवारों ने इसका कड़ा विरोध किया। रानी के पति कुंदन कुमार ने भी शुरुआत में इस संबंध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, रानी अपने फैसले पर अड़ी रहीं और अंततः उन्होंने पति से अलग होकर गोबिंद के साथ जीवन बिताने का निर्णय ले लिया।

परिस्थितियां तब और चौंकाने वाली हो गईं, जब कुंदन कुमार ने रानी को तलाक देने के साथ-साथ कोर्ट मैरिज में गवाह बनने का फैसला किया। कुंदन का कहना है कि वे परिवार को टूटने से बचाना चाहते थे, लेकिन रानी की खुशी और उसके फैसले के आगे उन्होंने विरोध छोड़ दिया। तलाक के बाद तीनों बच्चे पिता कुंदन कुमार के साथ रह रहे हैं, जबकि रानी गोबिंद कुमार के साथ नया जीवन शुरू कर चुकी हैं।

यह मामला अब सोशल मीडिया और स्थानीय इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आधुनिक प्रेम की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की मर्यादा पर सवाल के तौर पर देख रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत होने की बात कही जा रही है।