केंद्रीय बजट 2026: गुजरात से पश्चिम बंगाल तक नया ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर, हरियाणा और पंजाब को बड़ा लाभ मिलेगा, जानें
केंद्रीय बजट 2026 में सूरत से डानकुनी तक नए ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इससे अंबाला रेल मंडल सहित हरियाणा और पंजाब को बड़ा लाभ मिलेगा।
तीन मुख्य बिंदु
➤ सूरत से डानकुनी तक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा
➤ अंबाला रेल मंडल के सहारनपुर–पिलखनी सेक्शन से जुड़ेगा कॉरिडोर
➤ नई दिल्ली–जम्मू फोर-लेन रेलवे लाइन को भी बजट में मिल सकती है मंजूरी
केंद्रीय बजट 2026 में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने सूरत (गुजरात) से डानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की घोषणा की है। यह प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे बंदरगाहों से जोड़ेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी और यात्री ट्रेनों की रफ्तार में भी इजाफा होगा। रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
इस नए फ्रेट कॉरिडोर का सीधा असर अंबाला रेल मंडल पर भी पड़ेगा। यह कॉरिडोर सहारनपुर रेलवे स्टेशन के पास पिलखनी स्टेशन से जुड़ेगा, जो पहले से ही पंजाब के साहनेवाल तक संचालित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में सहारनपुर से साहनेवाल के बीच कॉरिडोर चालू है, जिससे नए ईस्ट-वेस्ट डीएफसी के जुड़ते ही कोलकाता और गुवाहाटी जैसे पूर्वी हिस्सों से देश के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों तक माल की आवाजाही और अधिक सुरक्षित व तेज हो सकेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से बंगाल और गुजरात के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। इसके साथ ही अंबाला रेल मंडल की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और रणनीतिक भूमिका और मजबूत होगी। भारी माल ढुलाई फ्रेट कॉरिडोर पर शिफ्ट होने से मुख्य लाइनों पर यात्री ट्रेनों को अधिक स्पीड और बेहतर समय-सारिणी का लाभ मिलेगा।
इसी रेल बजट में नई दिल्ली से जम्मू तक लगभग 600 किलोमीटर लंबा फोर-लेन रेलवे कॉरिडोर भी अहम प्रस्ताव के रूप में शामिल हो सकता है। इसके लिए अंबाला, जालंधर और दिल्ली रेल मंडलों के माध्यम से सर्वे पहले ही किया जा चुका है। यह प्रस्ताव लंबे समय से रेल मंत्रालय के पास लंबित था, लेकिन बजट 2026 में इसके सिरे चढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके तहत हरियाणा और पंजाब में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है।
फिलहाल इस रूट पर डबल लाइन पर अत्यधिक ट्रैफिक का दबाव है। ऐसे में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछने से ट्रेनों की गति बढ़ेगी और नई ट्रेनों के संचालन की योजना को भी गति मिलेगी। इस नई रेल लाइन का सीधा लाभ अंबाला, पानीपत, जालंधर और जम्मू के यात्रियों को मिलेगा, वहीं वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अंबाला के डीआरएम विनोद भाटिया ने कहा कि केंद्रीय बजट में हाई-स्पीड कॉरिडोर और रेलवे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों का जिक्र किया गया है, जिनका पूरा खाका सोमवार को स्पष्ट होगा। वहीं अंबाला मंडल के मुख्य महाप्रबंधक पंकज गुप्ता ने बताया कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के विस्तार से हरियाणा और पंजाब को बड़ा लाभ मिलेगा और देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक माल तेजी से पहुंच सकेगा।
Akhil Mahajan