भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर रिटायर्ड JE पर हमला, कार सवारों ने घर के बाहर घेरा, रॉड-डंडों से हमला

सोनीपत में भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले रिटायर्ड JE रामकिशन नागर पर घर के बाहर रॉड और डंडों से हमला हुआ। बेटे ने कस्सी लेकर हमलावरों का मुकाबला किया। HSVP ठेकेदार समेत कई आरोपियों पर FIR दर्ज हुई है।

भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर रिटायर्ड JE पर हमला, कार सवारों ने घर के बाहर घेरा, रॉड-डंडों से हमला

भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद रिटायर्ड JE पर घर के बाहर हमला
बेटे ने कस्सी लेकर मुकाबला किया तो कार सवार हमलावर फरार
HSVP ठेकेदार समेत कई आरोपियों पर FIR, परिवार ने मांगी सुरक्षा


सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में भ्रष्टाचार की शिकायत को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक रिटायर्ड जेई पर घर के बाहर लोहे की रॉड और डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। सेक्टर-12 में सोमवार दोपहर हुई इस वारदात में कार सवार हमलावरों ने घर के बाहर मौजूद रिटायर्ड जेई रामकिशन नागर को घेरकर कथित तौर पर पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर उनका बेटा बाहर आया और हमलावरों का मुकाबला करने के लिए कस्सी लेकर दौड़ा, जिसके बाद आरोपी कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। हमले में घायल रामकिशन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उनके शरीर पर कुल चार गंभीर चोटें दर्ज की हैं।

वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार से पहुंचे कुछ लोग रिटायर्ड जेई पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित ने वीडियो को पुलिस शिकायत के साथ सौंपा है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। शिकायत के आधार पर सेक्टर-27 थाना पुलिस ने ठेकेदार समेत कई आरोपियों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच भी की है।

घर के बाहर हुक्का भर रहे थे रामकिशन, तभी पहुंची कार

रामकिशन नागर के अनुसार, वह 17 अगस्त को दोपहर करीब 2:45 बजे अपने सेक्टर-12 स्थित मकान के पिछले गेट से बाहर आए थे। वह घर के बाहर हुक्का भर रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि ठेकेदार इन्द्रजीत सिंह अन्य लोगों के साथ कार में वहां पहुंचा। कार से उतरते ही आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और लोहे की रॉड तथा डंडों से हमला कर दिया।

हमले के दौरान रामकिशन के बेटे ने स्थिति देखी तो वह कस्सी लेकर बाहर आया। बेटे के विरोध के बाद हमलावर वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल रामकिशन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

चार चोटें दर्ज, तीन में ऑर्थो और एक में सर्जन की राय जरूरी

पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर रामकिशन की MLR प्राप्त की। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर कुल चार ब्लंट चोटें दर्ज की गई हैं। इनमें तीन चोटों में ऑर्थो ओपिनियन और एक चोट में एडवांस्ड सर्जन ओपिनियन की जरूरत बताई गई है।

रामकिशन का आरोप है कि उन पर यह हमला लंबे समय से चल रहे विवाद का हिस्सा है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

भ्रष्टाचार की शिकायत से शुरू हुआ विवाद

रामकिशन नागर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से जेई पद से रिटायर हो चुके हैं। इसके अलावा वह हुडा पब्लिक हेल्थ यूनियन नंबर 1266 के राज्य प्रधान हैं।

उनका आरोप है कि HSVP विभाग के कुछ अधिकारियों ने ठेकेदार इन्द्रजीत सिंह के साथ मिलकर विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी थीं। इसके बाद उनकी यूनियन ने अधिकारियों को नोटिस दिया और 10 अगस्त से HSVP सेक्टर-15 कार्यालय में धरना-प्रदर्शन शुरू किया।

रामकिशन का आरोप है कि शिकायतों और प्रदर्शन के बाद से ही उनके साथ विवाद बढ़ता चला गया।

7 अगस्त को दो यूनियन सदस्यों से मारपीट का आरोप

रामकिशन के मुताबिक, 7 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे HSVP कार्यालय में ठेकेदार इन्द्रजीत सिंह ने टीनू, राकेश, बलत और जितेन्द्र को कथित तौर पर उकसाया। आरोप है कि इसके बाद यूनियन सदस्य सुरेंद्र रंगा और ध्रुव कुमार के साथ मारपीट की गई।

यूनियन की ओर से इस संबंध में 10 अगस्त को XEN अजीत सिंह को लिखित शिकायत दी गई थी।

11 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान भी मारपीट का आरोप

रामकिशन ने बताया कि इसके बाद 11 अगस्त को करीब 1:15 बजे वह यूनियन सदस्यों के साथ यूनियन कार्यालय से HSVP गेट की तरफ प्रदर्शन करते हुए जा रहे थे। आरोप है कि एस्टेट ऑफिसर के कार्यालय के सामने ठेकेदार इन्द्रजीत सिंह ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट की।

रामकिशन के अनुसार, इस घटना में उनका दाहिना हाथ टूट गया। उन्होंने 11 अगस्त को थाना सेक्टर-27 में शिकायत देकर इन्द्रजीत सिंह और टीनू से जान का खतरा भी बताया था। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद 17 अगस्त को घर के बाहर हमला होने की बात सामने आई।

हमले के पीछे HSVP अधिकारियों पर भी लगाए आरोप

रामकिशन नागर ने अपने आरोपों में HSVP से जुड़े कुछ अधिकारियों को भी हमले के पीछे होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों और यूनियन के प्रदर्शन के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

XEN अजीत सिंह बोले- आरोपों को चेक करेंगे

मामले को लेकर HSVP के XEN अजीत सिंह से बात की गई। उन्होंने पहले कहा कि आमने-सामने आकर बातचीत कर लें, क्योंकि उनके पास एडिशनल चार्ज है। लगातार सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों को एक बार चेक करेंगे।

रामकिशन के आरोपों पर अजीत सिंह ने कहा कि वह करीब 15 साल से रिटायर्ड होकर बैठे हैं और उनका तो रोज का काम है। उन्होंने दावा किया कि रामकिशन ने जिन ठेकेदारों की शिकायत की है, उनकी पेमेंट रोक रखी है। ठेकेदार का समर्थन करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि रामकिशन ने उसके साथ मारपीट भी की है और इसकी वीडियो मौजूद है। इसके बाद उन्होंने कहा, “ठीक है, बाद में बात करेंगे।”

फिलहाल पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हमले के पीछे वास्तविक कारण क्या था और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका क्या रही। पीड़ित पक्ष ने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।