अंग्रेजी अखबार के आफिस में SIA की रेड, मिले हथियार
अंग्रेजी अखबार के दफ्तर पर देश-विरोधी गतिविधियों और आतंकी महिमामंडन के आरोप में छापेमारी की। तलाशी में हथियारों के राउंड और डिजिटल सबूत बरामद किए गए।
➤जम्मू में SIA ने कश्मीर टाइम्स ऑफिस पर छापा
➤देश-विरोधी गतिविधियों और आतंकी महिमामंडन का केस दर्ज
➤तलाशी में हथियारों के राउंड और ग्रेनेड लीवर बरामद
जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने गुरुवार को जम्मू स्थित कश्मीर टाइम्स अखबार के दफ्तर में व्यापक छापेमारी की। एजेंसी को इस अंग्रेजी अखबार पर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने, नफरत फैलाने और भारत की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री प्रकाशित करने के आरोपों की जांच करनी है। इस कार्रवाई में अखबार की एडिटर भी जांच दायरे में हैं और उनके लिंक, संपर्कों तथा गतिविधियों की विस्तृत पूछताछ की जा सकती है।
छापेमारी के दौरान SIA की टीम ने ऑफिस की पूरी तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान AK-47 के राउंड, पिस्तौल के कारतूस और ग्रेनेड का एक लीवर बरामद किया गया, जिसके बाद एजेंसी ने केस को और गंभीरता से आगे बढ़ाया है। एजेंसी ने कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव और डिजिटल रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश-विरोधी कंटेंट किस तरह फैलाया जा रहा था।
SIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अखबार और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ “देश के हितों के खिलाफ गतिविधियों का महिमामंडन” करने का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि तलाशी के बाद कई अहम दस्तावेज और डिजिटल एविडेंस मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
दिल्ली के लाल किले के पास हालिया ब्लास्ट और जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से ज्यादा सतर्क हैं। दो दिन पहले काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने आतंकवादी साजिश के बड़े केस में श्रीनगर, अनंतनाग और कुलगाम में बड़ी कार्रवाई की थी। इसमें श्रीनगर के शिरीन बाग स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी छापेमारी शामिल थी, जहां कई संदिग्धों के खिलाफ कट्टरपंथ फैलाने, आतंकवादियों का महिमामंडन करने और आतंकी संगठनों में भर्ती कराने के आरोपों की जांच चल रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यह पूरी कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को मज़बूत करने में प्रोपेगेंडा व मीडिया के जरिए योजनाबद्ध कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं, जिनपर अब नकेल कसने की शुरुआत हो चुकी है।
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