शाहीन मलिक एसिड अटैक केस में सभी आरोपी बरी
पानीपत की शाहीन मलिक पर हुए चर्चित एसिड अटैक मामले में रोहिणी कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी किया। कोर्ट ने पुलिस जांच में गंभीर खामियां बताते हुए आरोप साबित न होने की बात कही।
- पानीपत की शाहीन मलिक एसिड अटैक केस में सभी आरोपी बरी
- कोर्ट बोली- पुलिस जांच में गंभीर खामियां, आरोप साबित नहीं हुए
- देश में एसिड बिक्री पर रोक इसी केस के बाद लगी थी
हरियाणा के पानीपत की रहने वाली शाहीन मलिक पर हुए चर्चित एसिड अटैक मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। बुधवार को दिल्ली की रोहिणी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के एडिशनल सेशन जज जगमोहन सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पुलिस जांच में गंभीर खामियां रहीं, जिसके चलते आरोप साबित नहीं हो सके।
यह वारदात 19 नवंबर 2009 की शाम की है। शाहीन मलिक जब अपने ऑफिस से घर जाने के लिए निकली थीं, तभी करनाल जीटी रोड पर उनके ऑफिस के बाहर एक युवक ने उनके ऊपर एसिड फेंक दिया था। इस हमले में शाहीन का चेहरा करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गया था और उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई थी।
शाहीन मलिक के मुताबिक, हमलावर युवक चेहरे पर रूमाल बांधकर खड़ा था। जैसे ही वह सड़क पार करने के लिए उसके पास पहुंचीं, उसने उनके चेहरे पर हरे रंग का तेजाब डाल दिया। शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि उनके ऊपर क्या डाला गया है। कुछ ही देर में अहसास हुआ कि वह एसिड था और तब तक नुकसान हो चुका था।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक एसिड अपना असर दिखा चुका था। शाहीन ने बताया कि ठंडे पानी से उन्हें नहलाया गया, लेकिन दर्द इतना था कि हर बूंद सुई की तरह चुभ रही थी। वह कुछ भी देख पाने की हालत में नहीं थीं।
जांच में यह भी सामने आया था कि शाहीन के तत्कालीन बॉस, जो शादीशुदा थे, उन्हें लगातार परेशान करते थे। आरोप था कि इसी वजह से आरोपी की पत्नी ने एक यूनिवर्सिटी छात्र के साथ मिलकर शाहीन पर एसिड अटैक की साजिश रची। हालांकि, अदालत ने पुलिस जांच को कमजोर मानते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। 2013 में केस की सुनवाई पानीपत से दिल्ली ट्रांसफर की गई। इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसिड की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाते हुए राज्यों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे।
शाहीन मलिक ने अपनी जिंदगी को नई दिशा देते हुए साल 2021 में ‘ब्रेव सोल्स फाउंडेशन’ नाम से एनजीओ की शुरुआत की। इस संस्था के जरिए वह अब तक 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की सर्जरी, इलाज, कानूनी लड़ाई और मानसिक काउंसलिंग में मदद कर चुकी हैं। उनके शेल्टर होम ‘अपना घर’ में देश के अलग-अलग राज्यों की पीड़ित महिलाएं रह चुकी हैं।
Akhil Mahajan