पिता को अंतिम विदाई देकर टीम इंडिया से जुड़ेंगे रिंकू सिंह

रिंकू सिंह पिता के अंतिम संस्कार के बाद कोलकाता में भारतीय टीम से जुड़ेंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मुकाबला सेमीफाइनल की दौड़ के लिए अहम माना जा रहा है।

पिता को अंतिम विदाई देकर टीम इंडिया से जुड़ेंगे रिंकू सिंह

पिता के निधन के बाद अलीगढ़ पहुंचे, अब कोलकाता में टीम से जुड़ेंगे
वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच वर्चुअल नॉकआउट
ईडन गार्डन्स में जीतने वाली टीम सेमीफाइनल की ओर बढ़ेगी

भारतीय टीम के मध्यक्रम बल्लेबाज रिंकू सिंह शनिवार को कोलकाता में टीम इंडिया से दोबारा जुड़ेंगे। वे रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सुपर-8 मुकाबले से पहले टीम के साथ अभ्यास सत्र में शामिल होंगे। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी PTI को इसकी पुष्टि की है।

दरअसल, शुक्रवार को रिंकू के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया था। वे 60 वर्ष के थे और फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में चल रहा था। निधन के बाद रिंकू चेन्नई से सीधे अलीगढ़ पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। अब वे दोबारा टीम से जुड़कर देश के लिए मैदान पर उतरने को तैयार हैं।

सुपर-8 में करो या मरो जैसा मुकाबला

कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में होने वाला यह मुकाबला वर्चुअल नॉकआउट माना जा रहा है। इस मैच में जीतने वाली टीम ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेगी। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद अहम है।

रिंकू सिंह ने अब तक इस टूर्नामेंट में 5 पारियों में 24 रन बनाए हैं। यह उनका पहला टी-20 वर्ल्ड कप है। 2024 के टूर्नामेंट में वे ट्रैवलिंग रिजर्व थे और प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला था।

पिता के अंतिम शब्द बने प्रेरणा

रिंकू 24 फरवरी को चेन्नई से फ्लाइट लेकर अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें प्रैक्टिस सेशन छोड़ना पड़ा था। करीब 6 घंटे उन्होंने पिता के साथ अस्पताल में समय बिताया। जब वे वापस लौट रहे थे, तब उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच है और उन्हें देश के लिए खेलना होगा।

बताया जाता है कि पिता ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और कहा कि तुम एक दिन बुलंदियों को छूओगे, खुद को कभी अकेला मत समझना। तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले। यह भावुक क्षण अब भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

पहले भी क्रिकेटरों ने दिखाई मिसाल

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के पिता का निधन 1999 वर्ल्ड कप के दौरान हुआ था। वे अंतिम संस्कार के बाद इंग्लैंड लौटे और केन्या के खिलाफ 140 रन की नाबाद पारी खेलकर शतक पिता को समर्पित किया।

इसी तरह विराट कोहली ने दिसंबर 2006 में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान पिता के निधन के अगले दिन मैदान पर उतरकर 90 रन बनाए थे। यह घटना उनके करियर की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में गिनी जाती है।

रिंकू सिंह का टीम से दोबारा जुड़ना सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि भावनात्मक दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।