150 साल बाद दलित दूल्हा घोड़ी पर – रेवाड़ी में इतिहास रचा
रेवाड़ी के खेड़ी डालू सिंह गांव में 150 साल बाद अनुसूचित जाति के युवक की घुड़चढ़ी निकली। पुलिस की मौजूदगी में बारात शांतिपूर्वक रवाना हुई।
➤ 150 साल बाद गांव खेड़ी डालू सिंह में अनुसूचित जाति के युवक की घुड़चढ़ी
➤ 3 थानों की पुलिस और डीएसपी की मौजूदगी में निकली शांतिपूर्ण बारात
➤ पशुपालन विभाग में कार्यरत अंकित ने तोड़ी समाज की कुप्रथा
रेवाड़ी जिले के बावल क्षेत्र के खेड़ी डालू सिंह गांव में गुरुवार को इतिहास रच दिया गया। गांव में 150 साल बाद पहली बार अनुसूचित जाति के युवक की घोड़ी पर बारात निकली, जिसके लिए प्रशासन से लेकर पुलिस तक अलर्ट रही। इस दौरान डीएसपी सुरेंद्र श्योराण की अगुवाई में 3 थानों की पुलिस तैनात रही।
दूल्हा अंकित, जो पशुपालन विभाग में कार्यरत है, ने वर्षों पुरानी कुप्रथा को तोड़कर समाज में नई मिसाल पेश की। उन्होंने बताया कि गांव में आज़ादी के बाद से किसी भी दलित युवक की घुड़चढ़ी नहीं निकली थी। कई बार प्रयास हुए, लेकिन हर बार डर और विरोध की वजह से कदम पीछे खींचने पड़े।
इस बार परिवार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, रेवाड़ी पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई। एहतियात के तौर पर 3 थानों की पुलिस और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बारात निकाली गई। गांव के लोग भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और गांव में किसी तरह का तनाव नहीं था। वहीं, गांव के सरपंच प्रतिनिधि नेपाल सिंह ने कहा कि सब कुछ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ, गांव अब एक नई सोच की ओर बढ़ रहा है।
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